
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 7, 2025 7:38 PM IST
Tahira Kashyap Cancer recurrence: बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी (Actor Ayushman Khurana Wife) ताहिरा कश्यप को दोबारा ब्रेस्ट कैंसर हो गयी है। लेखिका और डायरेक्टर ताहिरा कश्यप ने खुद खुलासा किय है कि वे दोबारा ब्रेस्ट कैंसर (Tahira Kashyap Cancer) की चपेट में आ गयी हैं और वे इस गम्भीर बीमारी से एक बार फिर से लड़ाई लड़ रही हैं। वर्ल्ड हेल्थ डे (World Health Day 2025) पर ताहिरा कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखते हुई इस बारे में खुलासा किया है। अपनी इस पोस्ट में ताहिरा काफी इमोशनल बातें लिखीं।
अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखते हुए ताहिरा कश्यप ने कहा कि मुझे 7 साल बाद दोबारा कैंसर से जूझना पड़ रहा है। मैं पॉजिटिव नजरिया अपनाना चाहती हूं और सभी को मेरी सलाह ही कि वे रेग्यूलर्री अपना मैमोग्राम (Mammogram) कराएं। कैंसर से मेरी यह दूसरी लड़ाई है और इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं।
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बता दें कि ताहिरा कश्यप को साल 2018 में ब्रेस्ट कैंसर (Tahira Kashyap Breast cancer) हुआ है। तब भी आयुष्मान खुराना और ताहिरा ने कैंसर के बारे में खुलकर बात की थी। दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया था और ताहिरा इलाज के बाद कैंसर से ठीक हो गयीं थी। लेकिन अब 7 सालों के बाद ताहिरा को दोबारा कैंसर होने का पता चला है।
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कैंसर का इलाज होने के बाद भी कुछ मामलों में मरीज को दोबारा कैंसर हो जाता है। इसे कैंसर रिअक्रेंस कहा जाता है। ताहिरा कश्यप को भी रिकरेंट ब्रेस्ट कैंसर (Recurrent Breast Cancer) हुआ है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी स्थिति तब होती है जब, इलाज के बाद भी कैंसर सेल्स पूरी तरह से नष्ट नहीं होतीं। कुछ कैंसरस सेल्स शरीर में रह जाती हैं और धीरे-धीरे सक्रिय होने लगती हैं। इससे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है और दोबारा कैंसर हो जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर इंडिया (Breast Cancer India) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मृत्यु ब्रेस्ट कैंसर (In India, a woman dies of breast cancer every 8 minutes ) से हो जाती है। इतनी भारी संख्या में मृत्यु की वजह जानकारी का अभाव और स्क्रीनिंग में होनेवाली देर है। आंकड़ों के अनुसार 100 में से केवल 9 महिलाएं अपने जीवन में एक बार किसी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रिनिंग का हिस्सा बनती हैं। वहीं, कई महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के कोई लक्षण नहीं दिखायी देते हैं। इसीलिए, रेग्यूलर स्क्रीनिंग और मैमोग्राम जैसे टेस्ट कराना बहुत महत्वपूर्ण है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।