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स्वास्थ्य जगत की हस्तियों ने आयुष्मान भारत योजना का स्वागत किया

झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई)' का शुभारंभ किया।

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इसके तहत प्रतिवर्ष प्रति परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत लगभग 1350 रोगों को कवर किया जाएगा। इससे करीब 50 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। स्वास्थ्य जगत की हस्तियों ने इस योजना का स्वागत किया है। हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (नैटहेल्थ) के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने एक बयान में कहा , प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना का उपहार दिया, जिसका फायदा देशभर में 50 करोड़ लोगों को मिलेगा। नैटहेल्थ इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार के साथ साझेदारी करने की इच्छुक है।

नैटहेल्थ के महासचिव अंजन बोस ने कहा, झारखंड और देश के कई अन्य राज्यों को स्वास्थ्य देखभाल के पर्याप्त बुनियादी ढांचे और बीमा कवरेज की जरूरत है। यह ध्यान देने योग्य है कि झारखंड की 85 फीसदी आबादी पीएमजेएवाई के तहत कवर की जाएगी।

अपोलो अस्पताल के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. प्रताप रेड्डी ने एक बयान में कहा, मैं प्रधानमंत्री को इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत के लिए बधाई देता हूं। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना, आयुष्मान भारत के शुभारंभ के मौके पर मुझे उसी प्रकार की प्रसन्नता हुई, जिस प्रकार की प्रसन्नता मुझे अपने गांव में 1999 में पहली सार्वभौमिक बीमा योजना की शुरुआत करते समय हुई थी।

रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेन्स के एमडी एवं सीईओ अनुज गुलाटी ने बयान में कहा, 'आयुष्मान भारत' भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रान्तिकारी बदलाव लाएगा। हम इस सराहनीय कदम का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री जी को इसके लिए बधाई देते हैं। यह देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत योजना के दो भाग हैं-जिसके तहत 1,50,000 स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र का निर्माण होगा, जो व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल मुहैया कराएगा और दूसरा पीएमजेएवाई है, जो गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मुहैया कराएगा। पहला स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के जंगला में शुरू किया गया था।

पीएमजीएवाई में मुख्यत: गरीबों, वंचित ग्रामीण परिवार और नवीनतम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना(एसईसीसी) के आधार पर शहरी श्रमिक परिवारों की पहचानी गई व्यावसायिक श्रेणी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीआई) के सक्रिय परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि योजना के तहत सूचीबद्ध स्वास्थ्य सुविधा प्रदाता (ईएचसीपी) नेटवर्क के जरिए लाभ पहुंचाया जाएगा। ईएचसीपी नेटवर्क सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में लाभार्थियों को नकदी रहित और कागज रहित सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस सेवा में प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन, रोग निदान और दवाइयों सहित 1,350 प्रक्रियाएं शामिल होंगी।

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