आयुष सेक्टर का होगा डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और शोध का ऑनलाइन होगा विस्तार

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुष को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए तकनीकी बहुत सहायक होगी। साथ ही आयुष में चिकित्सा लाभ लेने वालों के लिए भी तकनीक सुलभ होने से काफी आसानी होगी।

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Written By: Atul Modi | Updated : August 12, 2022 5:05 PM IST

आयुष ग्रिड परियोजना के तहत आयुष सेक्टार के पूर्ण डिजीटलीकरण के लिए आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रानिक सूचना तकनीक मंत्रालय के बीच शुक्रवार, 12 अगस्त को करार पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। आयुष की ओर से सचिव आयुष वैद्य राजेश कोटेचा और इलेक्ट्रानिक सूचना तकनीक मंत्रालय की ओर से सचिव एके शर्मा ने करार पत्र पर हस्ताक्षर किए। तीन वर्ष पूर्व इसी आधार पर दोनों मंत्रालयों के बीच एमओयू साइन हुआ था जिसमें दोनो मंत्रालयों ने तीन वर्ष के लिए साझा रूप से काम करना तय किया था। यह तय किया गया कि दोनों ही मंत्रालय एमओयू के तहत काम करना जारी रखेंगे और इलेक्ट्रानिक सूचना तकनीक मंत्रालय के अधीन की संस्थाएं भी तकनीकी रूप से आयुष ग्रिड के लिए सहयोग करेंगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 और ई-गर्वनेंस के अनुरूप सूचना तकनीक से आयुष को जोड़ने के लिए आयुष ग्रिड को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। इसके लिए मंत्रालय ने केंद्रीय इलेक्ट्रानिक सूचना तकनीक मंत्रालय से समझौता किया है। इस समझौते का लक्ष्य शोध, शिक्षा और विभिन्ऩ स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत कर आयुष ग्रिड परियोजना के तहत आयुष के विभिन्न क्षेत्रों का डिजीटलीकरण करना है।

इस समझौते से आयुष ग्रिड को मंत्रालय के मूलभूत क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य सुरक्षा, क्षमता निर्माण, शोध और विकास, आयुष औषधि निर्माण व विनियमन को आपस में समन्वय करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीवंत और गतिशील संचार प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल आयुष के भागीदारों को आसानी होगी बल्कि प्रभावशाली प्रशासन में भी आसानी होगी।

दोनों मंत्रालयों के बीच हुए करार में जिन बिंदुओं पर जोर दिया गया है उनमें स्वास्थ्य सेवाओं के अंर्तगत निदान संबंधित दस्तावेज बनाना, निदानकर्ताओं के लिए आपसी संवाद को बढ़ावा देना, अस्पताल प्रबंधन तकनीक को मजबूत करना है। इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में आयुष छात्रों के ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया, प्रामाणिक पुस्तकों के ई-संस्करण उपलब्ध कराना, शोध संबंधित तथ्यों को ऑनलाइन करने से लेकर शैक्षिक कैलेंडर और तकनीक आधारित पाठयक्रम को आसान करना है। नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके जैसे- टेलीमेडिसीन, राष्ट्रीय औषधीय पौधों के लिए ई-कामर्स प्लेटफार्म आदि। आयुष ग्रीड बनाए जाने से औषधि संबंधित लाईसेंसिंग प्रणाली भी आसान होगी और इससे जुड़े सभी भागीदारों के लिए बेहद आसान होगा।

इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुष को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए तकनीकी बहुत सहायक होगी। साथ ही आयुष में चिकित्सा लाभ लेने वालों के लिए भी तकनीक सुलभ होने से काफी आसानी होगी। समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए इलेक्ट्रॉनिक और सूचना तकनीकी मंत्रालय के सचिव एके शर्मा ने कहा कि आयुष की उपलब्धियां गर्व करने लायक है। कोविड के समय आयुष ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने जाम नगर में आयुष के ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की चर्चा करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को याद किया और कहा कि आयुष की उपलब्धियां को लेकर माननीय प्रधानमंत्री ने प्रशंसा किया। उन्होंने विश्वास प्रगट किया कि आयुष दुनिया में सर्वश्रेष्ठ वैकल्पिक चिकित्सा का स्थान लेगा। इसके लिए दोनों मंत्रालय मिलकर कार्य करेंगे।

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