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आयुर्वेद की मदद से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने का तरीका

रोज सुबह बिना नमक और चीनी के नींबू पानी पीने से उच्च रक्त चाप को नियंत्रण में लाया जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप कोई सामान्य बीमारी नहीं हैं, इसको साइलेन्ट किलर भी कहते हैं। उच्च रक्तचाप के मूल कारणों में- अत्यधिक मात्रा में नमक का सेवन, ध्रूमपान और शराब का सेवन, महिलाओं में हॉर्मोन के बदलाव के कारण, किसी विशेष दवाई के कारण, रात को देर तक जागने के कारण, अत्यधिक मानसिक तनाव, या मोटापे के कारण भी होता है। उच्च रक्तचाप के कारणों के साथ लक्षणों के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि आप आसानी से यह समझ सके कि आप इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं- मोटापा, सर दर्द, दिल का धड़कन तेज होना, बार-बार क्रोध आना, कान या चेहरे से आग जैसे गर्म निकल रहा है ऐसा महसूस होना, थकान महसूस होना, नींद न आना, रक्त चाप बहुत बढ़ जाने पर नाक से खून आना आदि। कुछ तरीकों से रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है।

  1. सबसे पहले खुद को तनावमुक्त और शांत रखने के लिए नियमित रूप से सुबह टहलने के लिए जाएं। हो सके तो नंगे पांव हरी घास पर कम से कम बीस मिनटों तक चलें।
  2. रोज सुबह बिना नमक और चीनी के नींबू पानी पीने से उच्च रक्त चाप को नियंत्रण में लाया जा सकता है।
  3. एक महीना तक कम से कम आधा किलो पका पपीता खाने से भी रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है।
  4. ज़रूरत के अनुसार खसखस और तरबूज़ के मगज को एक साथ पीस लें और रोज सुबह एक चम्मच खाली पेट तीन-चार हफ़्तों तक इसका सेवन करें।
  5. सब्ज़ी खाना तो बहुत अच्छा होता है लेकिन उबला हुआ आलू खाना बहुत अच्छा होता है क्योंकि उसमे सोडियम नहीं होता है।
  6. पालक और गाजर को पीसकर सुबह शाम एक गिलास पीने से रक्तचाप कम होता है।
  7. अंडा, मांस, मिठाई, चॉकलेट का सेवन वर्जित होता है।
  8. तुलसी के दस पत्तों के साथ नीम के तीन पत्तों का सेवन सात दिन तक करने से लाभप्रद फल मिलता है।
  9. त्रिफला  हाइपरटेनशन पर प्रभावकारी रूप से काम करता है।

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