National Nutrition Week 2021: स्मृति ईरानी ने कहा, आयुर्वेद में है राष्ट्र के पोषण की आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता, लोगों को दी आयुर्वेद अपनाने की सलाह

स्मृति ईरानी कहा कि, राष्ट्र की पोषण की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आयुर्वेद के उपयोग के प्राचीन ज्ञान का प्रभावी ढंग से प्रयोग कैसे किया जा सकता है, इस बारे में ज्ञान प्रदान करना समय की आवश्यकता है। (Ayurveda and nutrition)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 6, 2021 11:07 PM IST

Ayurveda and nutrition:  भारत में हर साल मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week 2021)के साथ-ही साथ अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (The All India Institute of Ayurveda) ने 'पोषण माह' 2021' उत्सव की हाल ही में की शुरूआत की है। एक महीने तक चलने वाले इस उत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू की गयी है। उत्सव की शुरूआत करने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smrii Irani) द्वारा एक पोषण-वाटिका (न्यूट्री-गार्डन) का भी उद्घाटन किया गया। इस मौके पर स्मृति ईरानी ने कहा कि देश के पोषण की आवश्यकता को पूरा करने में आयुर्वेद पूरी तरह सक्षम है और इस प्राचीन परम्परा और प्राचीन ज्ञान का सही ढंग से इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इस बारे में लोगों को जागरूक करना  आज समय की मांग है। ((Ayurveda and nutrition)

आयुर्वेद के परम्परागत तरीकों से पोषण प्राप्त करना समय की मांग

बता दें कि, भारत सरकार द्वारा  पोषण अभियान (POSHAN) की शुरूआत 8 मार्च, 2018 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा की गयी थी। इस अभियान के तहत संपूर्ण पोषण में सुधार की दिशा में एक केंद्रित और समेकित दृष्टिकोण के साथ सितंबर महीने में जागरूकता फैलाने से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्मृति ईरानी ने कहा कि, " सभी लोगों तक पोषण या न्यूट्रिशन पहुंचाने के लिए  2 मुख्य घटकों पर ध्यान देना ज़रूरी है, पहला यह सबके बजट में हो और आसानी से उपलब्ध हो सके। इन दोनों ही घटकों के लिहाज से आयुर्वेद काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।"

2022 तक भारत को कुपोषण मुक्त देश बनाने का लक्ष्य

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ मिलकर एक कार्यक्रम के ज़रिए देश में कमज़ोरी और खून की कमी से जुड़ी बीमारी एनीमिया के मामलों को कम करने के कई प्रयास किए हैं। कार्यक्रम में बोलते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आईसीएमआर के साथ सहयोगात्मक उद्यम के माध्यम से एनीमिया के मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों के प्रकाशन की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि दुनिया आयुर्वेद के योगदान को स्वीकार कर सके।

हर साल पोषण माह सितंबर के दौरान पोषण अभियान के तहत मनाया जाता है, जिसे राष्ट्रीय पोषण मिशन के रूप में भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य 2022 तक भारत को कुपोषण मुक्त देश बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत देश के ऐसे क्षेत्रिय व्यंजनों के सेवन के लिए भी लोगों से अपील की गयी जिन्हें आयुर्वेदिक दृष्टि से बहुत पौष्टिक माना गया है। ऐसी ही कुछ डिशेज़ हैं ये-

  • सत्तू का शर्बत (Sattu Drink)
  • तिल के लड्डू
  • झंगौर की खीर,
  • नाइजर के बीज के लड्डू
  • आमलकी पनाका

(स्रोत: आईएएनएस)

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