दिल्‍ली में हुआ ल्युकेमिया पर जागरूकता कार्यक्रम, जानें क्‍या हैं ल्‍यूकेमिया के लक्षण

इस बीमारी में शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से बढ़ती हैं ।

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Written By: Yogita Yadav | Published : October 22, 2018 7:58 AM IST

ल्यूकेमिया एवं अन्य प्रकार के ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि सहयोग एवं संबल प्रदान करने के लिए इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल तथा बंसी विद्या मैमोरियल ट्रस्ट की एक पहल ल्युकेमिया क्रुसेडर्स ने रविवार को ल्युकेमिया या ब्लड कैंसर से पीड़ित बच्चों, उनकी देखभाल करने वाले डॉक्टरों एवं परिजनों तथा बीमारी की जंग जीत चुके लोगों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों  के बीच जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा, "ल्युकेमिया का इलाज संभव है, यह बीमारी बहुत तेजी से बढ़ती है और मरीज इसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी पा सकते हैं।"

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अपोलो अस्पताल के पीडिएट्रिक हीमेटोलोजी/ ओंकोलोजी की चिकित्सक डॉ. अमिता महाजन ने कहा, "ल्युकेमिया क्रुसेडर्स की खास बात यह है कि उनकी मदद मरीज को तुरंत मिल जाती है, सीमित पेपर वर्क के साथ जरूरतमंद 48 घंटों के अंदर आर्थिक सहायता पा सकते हैं। क्योंकि ल्युकेमिया आपको ज्यादा समय नहीं देता।"

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बंसी विद्या मैमोरियल ट्रस्ट की शुरुआत 2013 में अरविंद वोहरा ने ल्युकेमिया से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए की। 2011 में वोहरा को पता चला कि उनका 5 साल का बेटा ल्युकेमिया से पीड़ित है, जिसके बाद उनके परिवार को बीमारी का सामना करने के लिए कई मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। डॉ अमिता महाजन ल्युकेमिया क्रुसेडर्स के मेंटर एवं मेडिकल अडवाइजर हैं।

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अब तक ट्रस्ट भारत के 17 राज्यों के 35 अस्पतालों में 715 से अधिक बच्चों को सहयोग प्रदान कर चुका है। अपोलो, नई दिल्ली में 100 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई है।

ल्युकेमिया क्रुसेडर्स मरीज को 48 घंटे तक धनराशि उपलब्ध कराकर इलाज को आसान बनाता है, ताकि मरीज का इलाज तुरंत शुरू किया जा सके। अगर समय पर निदान कर ल्युकेमिया का इलाज तुरंत शुरू कर दिया जाए तो इसके ठीक होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में ये बच्चे ठीक होकर देश के बेहतर नागरिक बन सकते हैं।

क्‍या है ल्‍यूकेमिया

ल्यूकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसमें शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से बढ़ती हैं और इनके आकार में भी परिवर्तन होता है। ये जमाव स्वस्थ्य रक्त कोशिकाओं के विकास में भी बाधक बनती हैं।

ल्‍यू‍केमिया के लक्षण

  •  त्वचा के रंग में पीलापन नजर आना - ल्यूकेमिया एक प्रमुख लक्षण है त्वचा का पीला पड़ जाना।
  •  थकान - अन्य कई परिस्थितियों के अलावा, थकान भी ल्यूकेमिया का एक सामान्य लक्षण है। तो अगर आपको हर वक्त थकान महसूस हो रही है तो
  •  फीवर - ल्यूकेमिया के चलते शरीर में गैर सेहतमंद कोशिकाओं के बढ़ने से आपका इम्यून पावन कम होता है और आप इंफेक्शन और बुखार की चपेट में जल्दी और लगातार आते हैं।
  • सांसों में कमी - इस बीमारी में जब आप सांस लेते हैं तो ज्यादा गहरी सांस नहीं ले पाते और सांसे छोटी होती हैं। इस तरह से सांसों में कमी होती है।
  • घाव न भरना - अगर कोई कट लगने या घाव होने के बाद वह लंबे समय तक न भरे, तो यह ल्यूकेमिया का लक्षण हो सकता है।
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