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Written By: Editorial Team | Published : September 15, 2018 12:46 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाना है जरूरी। © Shutterstock
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कुष्ठ रोग के मुफ्त इलाज की उपलब्धता के बारे में जागरूकता फैलाने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने केंद्र व राज्य सरकारों से कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों के लिए पुनर्वास योजना बनाने का निर्देश दिया।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर व न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की पीठ ने केंद्र व राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए और कुष्ठ रोग के मरीजों का उचित इलाज सुनिश्चित करने व उनके खिलाफ भेदभाव खत्म करने को कहा।
अदालत ने कुष्ठ रोग के इलाज को लेकर सरकार को बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
अदालत ने यह भी कहा कि कुष्ठ रोग मरीजों को परिवार या समुदाय से अलग नहीं किया जाना चाहिए।
अदालत ने अपने फैसले में कहा, "जागरूकता अभियान में यह बात जरूर शामिल होनी चाहिए कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को किसी विशेष क्लिनिक, अस्पताल या आरोग्य आश्रम में भेजने की जरूरत नहीं है। उसे परिवार के सदस्यों या समुदाय से अलग नहीं किया जाना चाहिए।
प्रचार में यह बात सूचित करना चाहिए कि कुष्ठ रोग से पीड़ित एक व्यक्ति एक सामान्य वैवाहिक जीवन जी सकता है और बच्चे पाल सकता है, सामाजिक समारोह में भाग ले सकता है और सामान्य रूप से कार्य कर सकता या स्कूल जा सकता है। कुष्ठ रोग के मरीजों की समाज में स्वीकार्यता से और इस रोग से जुड़े कलंक को कम किया जा सकता है।"
स्रोत: आईएएनएस