मधुमक्खी के डंक के जहर से हो सकता है स्तन कैंसर का इलाज, रिसर्च में हुआ खुलासा

रिसर्च के अनुसार, मधुमक्खी के डंक में मौजूद जहर ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को काफी कम समय में खत्म कर सकता है और यह शरीर के किसी अन्य कोशिकाओं को बहुत ही कम नुकसान पहुंचाता है। यह अध्ययन ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काफी महत्वपूर्ण (Honey bee Venom for Breast Cancer) साबित हो सकता है। 

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Written By: Kishori Mishra | Published : September 8, 2020 1:11 PM IST

Honey bee Venom for Breast Cancer : दुनियाभर में कैंसर से लाखों लोगों की मौत होती है। कैंसर को लेकर काफी समय से रिसर्च किया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसका कोई कारगर दवा नहीं मिल सकी है। हाल ही में हुए एक अध्ययन से खुलासा हुआ है कि मधुमक्खी में पाए जाने वाले जहर से स्तन कैंसर का इलाज (Honey bee Venom for Breast Cancer) किया जा सकता है। रिसर्च के अनुसार, मधुमक्खी के डंक में मौजूद जहर ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को काफी कम समय में खत्म कर सकता है और यह शरीर के किसी अन्य कोशिकाओं को बहुत ही कम नुकसान पहुंचाता है। यह अध्ययन ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काफी महत्वपूर्ण (Honey bee Venom for Breast Cancer) साबित हो सकता है।

312 मधुमक्खियों के जहर में कैंसररोधी गुणों की खोज

यह अध्ययन (Research on Breast Cancer) आस्ट्रेलिया के हैरी परकिंस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल में किया गया है। इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने 312 मधुमक्खियों और भौरों के विष में कैंसररोधी गुणों की खोज की है। शोधकर्ताओं की टीम ने खुलासा किया है कि  मधुमक्खियों के डंग में मौजूद जहर में मेलिटिन ट्रिपल निगेटिव होता है, जो एचईआर 2 संवर्धित ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को नष्ट करने में आपकी मदद कर सकता है। इतना ही नहीं इस कार्य के लिए आपको अधिक जहर की आवश्यकता नहीं होती है, बहुत कम जहर से कैंसर के सेल्स को खत्म किया जा सकता है। ऐसे में शरीर की अन्य कोशिकाओं को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है।

मेलिटिन स्तन कैंसर की कोशिकाओं को करता है नष्ट

पश्चिमी आस्ट्रेलिया के प्रमुख वैज्ञानिक प्रोफेसर पीटर क्लिंकेन ने कहा कि वैज्ञानिकों का यह रिसर्च बहुत ही अनोखा है। जहर में मौजूद मेलिटिन कैंसर सेल्स के विकास को रोकने में आपकी मदद कर सकता है, यह अपने आप में बहुत ही रोमांचकारी है। नेचर प्रिसीजन आन्कोलॉजी जर्नलह में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस रिसर्च में इस बात का भी प्रयोग किया जा रहा है कि क्या मेलिटिन को केमोथेरेपी की दवाओं में मिलाकर अधिक आक्रामक ब्रेस्ट कैंसर का इलाज किया जा सकता है या नहीं?

डफी के अनुसार, मेलिटिन स्तन कैंसर के सेल्स के मेम्ब्रेन में छिद्र कर देता है। जिससे इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के लिए इन कोशिकाओं के अंदर प्रवेश का मार्ग बन जाता है, इससे कोशिकाएं काफी आसानी से नष्ट हो जाते हैं।

चूहों के ट्यूमर को रोकने में हुई सफल

मधुमक्खियों के डंक में मौजूद मेलेटिन को केमोथेरेपी की एक दवा में मिलाया गया, इसका इस्तेमाल चूहों में उत्पन्न होेने वाले ट्यूमर पर किया, जिसमें देखा गया कि यह दवा ट्यूमर के विकास को रोकने में काफी सफल रही। दुनियाभर में करोड़ों महिलाएं स्तन कैंसर से ग्रसित हैं। फेफड़ों के कैंसर के बाद स्तन कैंसर का मामला दुनियाभर में सबसे अधिक है। साल 2018 में स्तन कैंसर के 20 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। लगभग इतनी ही संख्या में फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित मरीज थे। एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया की हर सात में से एक महिला स्तन कैंसर का शिकार हैं। ऐसे में स्तिन कैंसर का इलाज ढूंढना बहुत ही जरूरी हो गया है। आस्ट्रेलिया का यह रिसर्च अगर पूरी तरह से सफल रहा, तो यह एक चमत्कार से कम नहीं होगा।

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