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AFI ने जताया अफसोस, COVID-19 की वजह से एथलीट्स में हो रही है विटामिन डी की कमी

कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनिया को घर पर बैठा दिया है जिससे लोगों का जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सिर्फ आम इंसान ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े खिलाड़ी भी COVID-19 का खामियाजा भुगत रहे हैं। हाल ही में आई एक खबर से पता चला है कि कोरोना वायरस के चलते एथलीट्स में विटामिन डी की कमी आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन और फिर संक्रमित होने के डर से खिलाड़ी बाहर निकलकर प्रेक्टिस नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें अपना ज्यादातर समय घर पर या इन्डोर एक्टिविटी के रूप में बिताना पड़ रहा है। ऐसे में सूर्य की रोशनी से दूर रहकर उनके शरीर में विटामिन डी की कमी आ रही है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विटामिन है ऐसे में निश्चित है कि यह उनकी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनिया को घर पर बैठा दिया है जिससे लोगों का जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सिर्फ आम इंसान ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े खिलाड़ी भी COVID-19 का खामियाजा भुगत रहे हैं। हाल ही में आई एक खबर से पता चला है कि कोरोना वायरस के चलते एथलीट्स में विटामिन डी की कमी आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन और फिर संक्रमित होने के डर से खिलाड़ी बाहर निकलकर प्रेक्टिस नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें अपना ज्यादातर समय घर पर या इन्डोर एक्टिविटी के रूप में बिताना पड़ रहा है। ऐसे में सूर्य की रोशनी से दूर रहकर उनके शरीर में विटामिन डी की कमी आ रही है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विटामिन है ऐसे में निश्चित है कि यह उनकी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) के उच्च-प्रदर्शन निदेशक वोल्कर हेरमैन हेरमैन ने एक अखबार से बातचीत में कहा कि हमारे एथलीट्स में विटामिन डी की भारी कमी देखी जा रही है। हम इस बारे में लगातार सोच रहे हैं कि क्या यह लॉकडाउन के कारण था या इसका कोई और कारण रहा होगा? क्योंकि खिलाड़ी बाहर निकलकर प्रेक्टिस नहीं कर पा रहे हैं ऐसे में इनडोर प्रेक्टिस के चलते खिलाड़ी इस जरूरी विटामिन की कमी का सामना कर रहे हैं। विटामिन डी का निर्माण सूर्य के प्रकाश से होता है। हमने जून में लॉकडाउन के बाद खिलाड़ियों के ब्लड सैंपल लिए थे। जिसमें विटामिन डी की कमी देखी गई थी।

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उन्होंने कहा कि जून में किए गए ब्लड टेस्ट से पता चलता है कि पटियाला में सभी राष्ट्रीय कैंपरों में विटामिन डी की कमी है। उन्होंने कहा कि यह पता चलते ही सभी एथलीटों को विटामिन की खुराक दी गई। उन्होंने कहा कि विटामिन डी की कमी एथलीटों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है क्योंकि यह शरीर के कैल्शियम अवशोषण के लिए मुख्य है। विटामिन डी रिकवरी में मदद करता है, विशेष रूप से मांसपेशियों की और यह रिकवरी के समय को भी कम करता है। यह मुख्य पहलू है। विटामिन डी बोन डेनसिटी से भी संबंधित है। कभी-कभी एथलीट ओवरलोड या एक्स्ट्रा प्रेक्टिस कर लेते हैं तो उन्हें स्ट्रेस फ्रैक्चर से भी निपटता पड़ सकता है। हालांकि स्ट्रेस फ्रैक्चर विटामिन डी की कमी के कारण भी हो सकता है।

एथलीटों के बीच आयरन की संभावित कमी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "एथलीटों के साथ, हम हर तीन महीनों में इस तरह के ब्लड टेस्ट करते रहते हैं ताकि कोई भी एथलीट किसी भी कमी से नहीं निपट रहा हो। विटामिन डी के साथ ही एथलिट्स में आयरन की कमी भी आती है क्योंकि वह रेड मीट का सेवन नहीं करते हैं। विशेष रूप से महिला एथलीट में आयरन की कमी देखी जाती है। हमें इस पर बहुत बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। हम प्राकृतिक तरीके खोजने के लिए रिकवरी विशेषज्ञों और पोषण विशेषज्ञों के साथ काम कर रहे हैं। खिलाड़ियों की डाइट में अक्सर आयरन या किसी भी अन्य पोषक तत्वों के नेचुरल स्त्रोत को शामिल करने की कोशिश की जाती ​है।

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विटामिन डी के स्त्रोत

डाइट फूड में देखें तो टमाटर, शलजम, मशरूम, पनीर, नींबू अंडे के पीले वाले भाग में विटामिन डी की मात्रा पायी जाती है। हाल के कुछ शोध बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में भी विटामिन डी की मात्रा होती है। चुकंदर और शकरकंद में भी कुछ मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। बालों का झड़ना भी विटामिन डी की कमी की वजह से होता है।

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