पूर्व पीएम वाजपेयी की हालत नाजुक, लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखे गए अटल कई बीमारियों से हैं ग्रस्त

वाजपेयी को किडनी और नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि की समस्या है। स्थिति अधिक बिगड़ने के बाद ही उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

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Written By: Anshumala | Published : August 16, 2018 11:07 AM IST

पिछले नौ सप्ताह से एम्स में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वाजपेयी डिमेंशिया, मधुमेह आदि के मरीज हैं और उनका 11 जून से एम्स में इलाज चल रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जल्द ही उनके स्वास्थ्य को लेकर बुलेटिन जारी कर सकता है।

एम्स की ओर से बुधवार देर रात एक बयान जारी किया गया। इस बयान के अनुसार, "अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बीते 24 घंटों में और भी ज्यादा खराब हो गई है। उनकी हालत नाजुक है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली (लाइफ सपोर्ट सिस्टम) पर रखा गया है।"

एक-एक करके उनसे कई वरिष्ठ नेतागण मिलने के लिए एम्स पहुंच रहे हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेतागण वाजपेयी के स्वास्थ्य का हालचाल जानने के लिए एम्स पहुंचे थे।

वहीं गुरुवार को उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू भी वाजपेयी (93) का हालचाल जानने के लिए एम्स पहुंचे। नायडू सुबह 6.30 बजे एम्स पहुंचे जबकि अमित शाह सुबह 8.30 बजे एम्स पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा एम्स पहुंचे।

वाजपेयी का एम्स में डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में इलाज हो रहा है, जो एम्स के निदेशक भी हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को एम्स पहुंचकर वाजपेयी का हालचाल जाना था।

क्या है समस्या

वाजपेयी को किडनी और नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि की समस्या है। स्थिति अधिक बिगड़ने के बाद ही उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह (डायबिटीज) के शिकार 93 वर्षीय वाजपेयी की एक ही किडनी काम करती है।

डिमेंशिया से हैं ग्रस्त

अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया बीमारी से भी जूझ रहे हैं। वर्ष 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर हैं। 25 दिसंबर, 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था।

क्या होते हैं डिमेंशिया के लक्षण

- नाम, जगह, तुरंत की गई बातचीत को याद रखने में परेशानी

- अवसाद से पीड़ित होना

- संवाद स्थापित करने/बात करने में दिक्कत होना

- व्यवहार में बदलाव आना

- कुछ निगलने में दिक्कत होना

- चलने-फिरने में परेशानी होना

- निर्णय लेने की क्षमता का प्रभावित होना

- व्यवहार में बदलाव

- चीजों को रखकर भूल जाना

चित्रस्रोत: file photo.

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