अटल आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों को बिना कारण प्राइवेट अस्पतालों में रेफर नहीं कर पाएंगे सरकारी अस्पताल, जानें क्या है नियम

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अटल आयुष्यमान योजना में पांच लाख तक की सीमा तक मुफ्त इलाज के लिए कार्ड धारकों को रेफर व्यवस्था पर सख्ती लगा दी. इसके लिए अस्पताल को स्पष्टीकरण देना होगा.

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Written By: Atul Modi | Updated : August 24, 2022 7:35 PM IST

मरीजों को बिना किसी कारण प्राइवेट अस्पतालों में रेफर करने के मामले आये दिन देखने को मिलते हैं. ये मामले सरकारी अस्पताल में ज्यादा सामने आते हैं. जहां कार्ड धारकों को बिना किसी ख़ास कारण के प्राइवेट अस्पताल भेज दिया जाता है. जिससे ना जाने कितने पैसे खर्च हो जाते हैं. लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों की परेशानियों और मुश्किलों को देखते हुए प्राधिकरण ने ये तय किया है कि, अब सरकारी अस्पताल यूं ही मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में तब तक रेफर नहीं कर सकते, जब तक उनके पास मरीजों को रेफर करने का वैलीड रीजन ना हो. मतलब ये कि अटल आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों को बिना रीजन के रेफर करने की सरकारी अस्पतालों की मनमानी नहीं चलेगी.

क्या है सख्ती

पांच लाख की सीमा तक मुफ्त इलाज पाने वले जो की अटल आयुष्यमान योजना के अंतर्गत आते हैं, उनके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने रेफलर व्यवस्था पर सख्ती लगा दी है. योजना के अंतर्गत लगभग 74 प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्यमान कार्ड से इलाज से पहले मरीज को सरकारी अस्पताल से रेफर करना जरुर होगा. अगर इमरजेंसी है तो ये इस दौरान ये व्यवस्था लागू नहीं होगी. प्राइवेट अस्पतालों में सरकार ने रेफलर नीति तैयार की है.

क्या है व्यवस्था के पीछे की मंशा

प्राधिकरण अध्यक्ष डीके कटारिया के प्रेसवार्ता के दौरान इस व्यवस्था के पीछे की मंशा को बताते हुए कहा कि, आयुष्यमान कार्डधारक मरीजों का राजकीय अस्पतालों में इलाज पहले किया जाए. इस दौरान अगर उपचार की अच्छी व्यवस्था नहीं मिलती तो, प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है. सरकार ने इस व्यवस्था की कोरोना काल के बीच छूट दी थी. जिसके बाद फिर से मरीज की बायोमेट्रिक और रेफरल व्यवस्था को लागू कर दिया गया है.

इमरजेंसी में नहीं लागू होगी व्यवस्था

ऐसे कई सरकारी अस्पताल हैं, जहां पर कार्ड धारकों को बिना किसी वजह के प्राइवेट अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है. जिसे देखते हुए प्राधिकरण ने रेफर करने पर कारण बताने के नियम को लागू कर दिया. फिलहाल इमरजेंसी की स्थिति में रेफर करने की व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी.

225 ऐसे सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जो प्रदेश में आयुष्यमान योजना के अंतर्गत आते हैं. जिसमें करीब 102 सरकारी और लगभग 123 प्राइवेट हैं. इसके अलावा यूपी में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की संख्या तीन है और 39 NABH अस्पताल और पर्वतीय क्षेत्रों के साथ प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए रेफरल व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी.

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