
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
सरकारी डाटा के अनुसार राजधानी दिल्ली में अब तक 131,935 स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन दी जा चुकी है।
कुछ दिन पहले ही भारत बायोटेक ने अपनी वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपनी कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन को लेकर फैक्टशीट जारी की थी, जिसमें यह बताया गया था कि किन लोगों को फिलहाल वैक्सीन लेने से बचना चाहिए। इस फैक्टशीट में उन लोगों को वैक्सीन न लगाने को कहा गया था जो एस्पिरिन (Aspirin) और क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel) का सेवन कर रहे हैं। लेकिन अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) का कहना है कि एस्पिरिन लेने वाले लोग भी कोवैक्सीन और कोविशील्ड का टीका लगा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (कोविशिल्ड के निर्माता) और भारत बायोटेक (कोवाक्सिन के डेवलपर और निर्माता) दोनों ने दवा नियंत्रक (Drug Controller) से फैक्टशीट्स में बदलाव करने को कहा है। भारत बायोटेक द्वारा जो कोवैक्सीन की फैक्टशीट जारी की गई थी उसमें कहा गया था ब्लड थिनर लोगों को वैक्सीन लेने से मना किया गया था। यानि कि जिन लोगों को खून से संबंधित कोई समस्या है उन्हें वैक्सीन लेने से मना किया गया था। ठीक इसी तरह कोविशील्उ की फैक्टशीट में भी यह कहा गया था कि जिन्हें ब्लीडिंग डिस्ऑर्डर है वे वैक्सीन लेने से पहले अपने फिजिशियन को जरूर बताएं और वैक्सीन न लें।
यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री की कोविड ब्रिफिंग में डॉक्टर भारगवा ने कहा कि दोनों ही कंपनियों (भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) ने एक साथ ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India) को ब्लड थिनर के संबंध में फैक्टशीट में बदलाव करने को कहा है। जिससे यह पता चलता है कि इसमें वाकई कोई संबंध है।
उन्होंने आगे कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड के विषय में एस्पिरिन (Aspirin) या क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel) जैसी एंटी-प्लेटलेट्स समस्या नहीं हैं। हेपरिन जैसे एंटीकोआगुलंट्स (Anticoagulants) के लिए, उन रोगियों में रक्तस्राव की प्रवृत्ति हो सकती है। इसमें लोकल हेमटोमा (Local hematoma) विकसित करने का जोखिम हो सकता है।