Second Smoke Health Effects In Kids: सालाना 65 हजार बच्चों की सेकेंड हैंड स्मोक से होती है मौत! जानें क्या है ये और इससे कैसे बचा जाए

सिगरेट सिर्फ पीने वाले व्यक्ति को ही नहीं उसके संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है। WHO South-East Asia के अनुसार सेकेंड हैंड स्मोक से होने वाली बीमारियों के कारण हर साल लगभग 65000 बच्चों की मृत्यु हो जाती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 25, 2022 12:35 PM IST

क्या आप जानते हैं कि स्वास्थ्य के लिए जितना खतरनाक धूम्रपान करना होता है, लगभग उतना ही खतरा धूम्रपान कर रहे लोगों के संपर्क में रहना होता है। WHO South-East Asia ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करके यह जानकारी दी कि सेकेंड हैंड स्मोक के कारण होने वाली बीमारियों के कारण हर साल लगभग 65 हजार बच्चों की मृत्यु हो जाती है। स्मोकिंग करना आजकल ट्रेंड सा बन गया है, कुछ लोगों को हुक्का पीने की लत लग चुकी है तो कुछ लोग सिगरेट पीना पसंद करते हैं। इस बारे में हर किसी को पता होता है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, लेकिन फिर भी वे छोड़ नहीं पाते हैं। हालांकि, देखा गया है कि अक्सर लोगों को सेकंड हैंड स्मोक के बारे में जानकारी नहीं होती है। यह भी सिगरेट पीने जितना ही खतरनाक है, जिससे अनेक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो सेकेंड हैंड स्मोक के कारण कुछ लोगों को बार-बार गंभीर रूप से अस्थमा होना, श्वसन मार्गों में संक्रमण, कान में संक्रमण और यहां तक कि शिशुओं की मृत्यु होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो आपके लिए भी इस बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है।

क्या है सेकेंड हैंड स्मोक

धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के संपर्क में आना सेकेंड हैंड स्मोक होता है। उदाहरण के लिए यदि आप सिगरेट पी रहे किसी व्यक्ति के धुएं के संपर्क में आते हैं, तो आप सेकेंड हैंड स्मोक का शिकार हो रहे हैं। सिगरेट या अन्य की धूम्रपान के उत्पाद से निकलने वाला ज्यादातर धुआं हवा में मिल जाता है और सांस के साथ आसपास के लोगों के शरीर में चला जाता है। सेकेंड हैंड स्मोक से कई प्रकार के कैंसर, एलर्जी और हृदय संबंधी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं कुछ गंभीर मामलों में सेकेंड हैंड स्मोक के संपर्क में आ रहे बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ जाते हैं और उनकी मृत्यु भी हो सकती है।

बच्चों के सेकेंड हैंड स्मोक के संपर्क में आने के लक्षण

यदि छोटे बच्चे धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आ रहे हैं, तो उनमें निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं -

  • बार-बार आंख मलना या आंख से पानी आना
  • छींके आना व खांसी होना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • एक या दोनों कानों में खुजली होना
  • सीने में दर्द महसूस होना

बच्चों को सेकेंड हैंड स्मोक से कैसे बचाएं?

धूम्रपान कर रहे लोगों के संपर्क में न आना ही सेकेंड हैंड स्मोक से बचाव करने का सबसे प्रमुख तरीका है। ऐसा करने के लिए आप निम्न तरीके अपना सकते हैं -

  • कमरे व कार में किसी को धूम्रपान न करने दें
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो अकेले में करें और बच्चों को दूर रखें
  • धूम्रपान करने के बाद ऊपर पहनी हुई जैकेट को उतार कर बच्चों के पास जाएं

इसके अलावा यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा सेकेंड हैंड स्मोक के संपर्क में आ चुका है, तो ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।