Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
3D Technology Glaucoma Treatment: भारतीय चिकित्सा जगत लगातार कुछ-न-कुछ उपलब्धि हासिल कर रहा है। हाल ही में, दिल्ली कैंट स्थित आर्मी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी एक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में आंखों की बीमारी-ग्लूकोमा का 3D तकनीक से इलाज हुआ है, जो डॉक्टरों के लिए एक बड़ी सफलता है। अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने आधुनिक 3D माइक्रोस्कोप और नई इमेजिंग मशीन की मदद से ग्लूकोमा का सफलतापूर्वक किया है। नेत्र रोग विभाग का दावा है कि उन्होंने भारत में पहली बार 3D तकनीक से ग्लूकोमा का इलाज किया है। आपको बता दें कि 3डी तकनीक की मदद से डॉक्टर आंख के अंदर मौजूद तरल पदार्थ को साफ तरीके से देख सकते हैं, इससे इलाज ज्यादा असरदार हता है। 3डी तकनीक की मदद से की गई सर्जरी में चीरे कम लगते हैं और मरीज को दर्द भी कम होता है। आइए, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट डॉ. राशि जैन से जानते हैं ग्लूकोमा के बारे में-
ग्लूकोमा आंखों की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर प्रेशर बढ़ जाता है। ग्लूकोमा की वजह से आंखों की नसें धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं। अगर समय पर ग्लूकोमा का इलाज न करवाया जाए तो आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ग्लूकोमा की वजह से आंखों की रोशनी जाने का खतरा बढ़ जाता है यानी आंखों की यह बीमारी अंधेपन का कारण बन सकती है। दरअसल, जब आंख में दबाव बढ़ता है, जो तरल पदार्थ के बाहर न निकल पाने से बनता है। शुरुआत में ग्लूकोमा के लक्षण महसूस नहीं होते हैं, यही वजह है कि इसका समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे में जब स्थिति गंभीर हो जाती है, तब लोग ग्लूकोमा के इलाज के लिए हॉस्पिटल का रूख करते हैं।
ग्लूकोमा के लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर आपको ग्लूकोमा के ये लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।