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क्या चश्मा पहनने वालों को कोरोना का खतरा होता है कम?

रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चश्मा पहनने वाले व्यक्तियों को अन्य व्यक्तियों की तुलना में कोरोना की चपेट में आने का खतरा (Eyeglasses and Coronavirus) कम होता है।

क्या चश्मा पहनने वालों को कोरोना का खतरा होता है कम?
क्या चश्मा पहनने वालों को कोरोना का खतरा होता है कम?

Written by Kishori Mishra |Updated : September 19, 2020 9:03 AM IST

Eyeglasses and Coronavirus : कोरोनावायरस का असर पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है। इस वायरस ने पूरे विश्व के लोगों का लाइफस्टाइल बदल दिया है। कोविड-19 को हराने के लिए पूरे विश्व में कई तरह के रिसर्च किए जा रहे हैं। साथ ही वैक्सीन बनाने में भी पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों ने दिन रात एक कर दिया है। इस बीच एक रिसर्च सामने आया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि चश्मा पहनने वाले व्यक्तियों को अन्य व्यक्तियों की तुलना में कोरोना की चपेट में आने का खतरा (Eyeglasses and Coronavirus) कम होता है।

276 कोरोना मरीजों को किया शामिल

रिसर्च में कहा गया है कि आंखों के जरिए कोरोनावायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह रिसर्च चीन के सुइझोउ प्रांत में हुआ है। वैज्ञानिकों ने अपने इस रिसर्च में 276 कोरोना से संक्रमित मरीजों को शामिल किया था। अपने इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने गंभीरता से जांच की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि क्या चश्मा पहनने वाले अधिक संक्रमित हो सकते हैं या (Eyeglasses and Coronavirus) कम।

आंखों से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है वायरस

वैज्ञानिकों के इस रिसर्च में पता चला कि  साधारण इंसान अनजाने में अपनी आंखों को 10 बार छूते हैं। हमारे शरीर में आंखें एक ऐसा अंग है, जो काफी नाजुक और कोमल होती हैं। आंखों में सुरक्षा की कमी होती है, इस वजह से कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है। इसके साथ ही इस रिसर्च में खुलासा हुआ कि SARS-CoV-2 रिसेप्टर एंजियोटेनसिन-परिवर्तित एंजाइम 2 आंखों की तरह पर भी रहता है। इस तरह SARS-CoV-2  हमाके शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा SARS-CoV-2 नाक की नलिका तथा आंसूओं के जरिए भी हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। यानि व्यक्ति COVID-19 से भी संक्रमित हो सकता है।

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आंकड़ों के मुताबिक, तत्कालीन समय में 1 से 12 प्रतिशत कोरोना के मरीज ऑक्युलर यानी आंखों के कारण संक्रमित हैं। COVID-19 वायरस के मरीजों का टेस्ट करने पर कोविड-19 वायरस आंसुओं में भी पाया गया है। इसके साथ ही नेत्र विशेषज्ञ भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं। कई नेत्र विशेषज्ञों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चश्मा पहनकर कोरोना के संक्रमण को कम किया जा सकता है।

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