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Anxiety And Irritable Bowel Syndrome : एक नयी स्टडी में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आंत संबंधी समस्या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानि आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) से परेशान लोगों में अक्सर देखी जाने वाली चिंता के कारण और अन्य जानकारियों का पता कुछ जीन की मदद समझा जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि आईबीएस एक ऐसी समस्या है जो 10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करती है। आंत से जुड़ी इस बीमारी में पेट में दर्द, सूजन, कब्ज (constipation) और दस्त (diarrhea) जैसी परेशानियां (symptoms of IBS) भी हो सकती हैं।। (Anxiety And Irritable Bowel Syndrome In Hindi)
नेचर जेनेटिक्स ( Nature Genetics) में प्रकाशित इस स्टडी के परिणामों के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा है कि अब ऐसी उम्मीद की जा रही है कि उनकी खोज से आईबीएस (IBS) के बारे में अधिक जानकारियां सामने आ सकेंगी। शोधकर्ताओं ने यह भी उम्मीद जतायी है कि, आम तौर पर आईबीएस को गलत तरीके से भावनात्मक स्थिति मान लिया जाता है लेकिन, इस स्टडी के आधार पर अब लोग ऐसा नहीं करेंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार, अक्सर लोग आईबीएस को 'ऑल इन द माइंड' कह कर इसे गम्भीर समस्या मानने से इनकार कर देते हैं लेकिन, अब इस समस्या को इस तरह लेबल किए जाने पर रोक लग सकेगी।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्टडी के लिए 50,000 से अधिक व्यक्तियों पर अध्ययन किया गया। इन सभी लोगों की जांच की गयी और उनके डीएनए (DNA) की तुलना ऐसे लोगों से की गयी जिन्हें आईबीएस की समस्या नहीं है। स्टडी के दौरान शोधकर्चाओं की टीम ने कम से कम छह अलग-अलग अनुवांशिक मतभेदों की पहचान की जो कम से कम और आंशिक रूप से, आंत और दिमाग के बीच इस लिंक को समझा सकते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार,
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्टडी अंतत: आईबीएस के लिए बेहतर परीक्षण और उपचार विकसित करने में मदद कर सकती है।
(आईएएनएस)