Irritable Bowel Syndrome से जुड़ी हो सकती है एंग्जायटी की समस्या स्टडी में हुआ खुलासा

ऐसा माना जाता है कि आईबीएस 10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है और पेट में दर्द, सूजन और कब्ज, दस्त या दोनों की परेशानी पैदा कर सकता है।  (Anxiety And Irritable Bowel Syndrome In Hindi)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 8, 2021 10:19 AM IST

Anxiety And Irritable Bowel Syndrome : एक नयी स्टडी में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आंत संबंधी समस्या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानि आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) से परेशान लोगों में अक्सर देखी जाने वाली चिंता के कारण और अन्य जानकारियों का पता कुछ जीन की मदद समझा जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि आईबीएस एक ऐसी समस्या है जो 10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करती है। आंत से जुड़ी इस बीमारी में  पेट में दर्द, सूजन, कब्ज (constipation) और दस्त (diarrhea) जैसी परेशानियां (symptoms of IBS) भी हो सकती हैं।।  (Anxiety And Irritable Bowel Syndrome In Hindi)

पीड़ित व्यक्ति के जीन की मदद से IBS के कारणों को चलेगा पता

नेचर जेनेटिक्स ( Nature Genetics) में प्रकाशित इस स्टडी के परिणामों के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा है कि अब ऐसी उम्मीद की जा रही है कि उनकी खोज से आईबीएस (IBS) के बारे में अधिक जानकारियां सामने आ सकेंगी। शोधकर्ताओं ने यह भी उम्मीद जतायी है कि, आम तौर पर आईबीएस को गलत तरीके से भावनात्मक स्थिति मान लिया जाता है लेकिन, इस स्टडी के आधार पर अब लोग ऐसा नहीं करेंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार, अक्सर लोग आईबीएस को 'ऑल इन द माइंड' कह कर इसे गम्भीर समस्या मानने से इनकार कर देते हैं लेकिन, अब इस समस्या को इस तरह लेबल किए जाने पर रोक लग सकेगी।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस  स्टडी के लिए 50,000 से अधिक व्यक्तियों पर अध्ययन किया गया। इन सभी लोगों की जांच की गयी और उनके डीएनए (DNA) की तुलना ऐसे लोगों से की गयी जिन्हें आईबीएस की समस्या नहीं है। स्टडी के दौरान शोधकर्चाओं की टीम ने कम से कम छह अलग-अलग अनुवांशिक मतभेदों की पहचान की जो कम से कम और आंशिक रूप से, आंत और दिमाग के बीच इस लिंक को समझा सकते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार,

  • इनमें से अधिकांश डीएनए (DNA) की मस्तिष्क में भूमिका होती है, और संभवत: नसें जो गट की आपूर्ति करती हैं, न कि स्वयं आंत की।
  • वही आनुवंशिक मेकअप जो लोगों को IBS  के बढ़ते जोखिम में डालता है, सामान्य मनोदशा और चिंता विकारों जैसे चिंता, अवसाद और विक्षिप्तता के साथ-साथ अनिद्रा (insomnia) के खतरे को भी बढ़ाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्टडी अंतत: आईबीएस के लिए बेहतर परीक्षण और उपचार विकसित करने में मदद कर सकती है।

(आईएएनएस)