कहीं आप तो नहीं खा रहे हैं नकली घी, इन 4 तरीकों से करें असली घी और नकली घी की पहचान

प्रसिद्ध तिरुपति वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) के प्रसाद में बांटे जाने वाले लड्डुओं (Tirupati Laddu) जानवरों की चर्बी से बने नकली घी की मिलावट पायी गयी है। यहां पढ़ें अलग-अलग प्रकार के एनिमल फैट्स के बारे में। साथ ही जानें असली-नकली घी का फर्क पता करने के तरीके।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 20, 2024 8:45 PM IST

आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Mandir) और वहां के लड्डू प्रसाद में मिलावट की खबरें आपने भी सुनी ही होगीं। इस मंदिर में प्रसाद में भक्तों को दिए जानेवाले लड्डूओं में नकली घी और एनिमल फैट मिलाए जाने की खबरों के बीच विवाद तेज होता जा रहा है। वहीं, चंद्रबाबू नायडू (Chandra Babu Naidu)  सरकार की तरफ से गुरुवार को एक रिपोर्ट भी जारी की गयी जिसमें दावा किया गया कि तिरुपति मंदिर में जो लड्डू श्रद्धालुओं को बांटने के लिए तैयार किए जाते हैं, उनमें मिलाए गए घी में 3 अलग-अलग जानवरों की चर्बी भी पायी गयी है।

रिपोर्ट के अनुसार, जो घी इन लड्डूओं को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है वह मिलावटी है और उसमें फॉरिन फैट मिलाया गया है। इस मिलावटी घी में भैंस की चर्बी, फिश ऑयल (Fish Oil) और सूअर की चर्बी जैसी एनिमल फैट (Animal fat in ghee) की मिलावट की बात कही गयी है।

फॉरिन फैट किसे कहते हैं?

फॉरेन फैट एक प्रकार का नकली फैट है जो डेयरी प्रॉडक्ट्स में मिलाया जाता है। मिलावट करने वाले लोग घी और बटर (butter) जैसी चीजों में फॉरिन फैट मिला देते हैं जिससे कम खर्च में अधिक मात्रा में घी तैयार किया जा सके और यह घी बाजार में बेचकर मुनाफा कमाया जा सकता है।

घी में मिला था बीफ टैलो नामक एनिमल फैट

बीफ टैलो की भी कुछ मात्रा प्रसाद में पायी गयी। बता दें कि बीफ टैलो (Beef Tallow) बकरी, भैंस, भेड़ जैसे जानवरों की चर्बी से बनायी जाती है। यह फैट आमतौर पर सफेद रंग का होता है और यह आसानी से घी, मक्खन या तेल जैसी चीजों में मिक्स किया जा सकता है। बता दें कि, विदेशों में यह एक ब्रेड पर लगाया खाया जाता है।

वहीं, नकली घी में लार्ड (Lard) फैट या सूअर की चर्बी और फिश ऑयल भी पाया गया जो मछलियों से निकाला जाने वाला फैट है। फिश ऑयल का इस्तेमाल कुछ दवाओं में जरूर किया जाता है। लेकिन, यह शाकाहारी उत्पाद नहीं होने के कारण प्रसाद जैसी चीजों में इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

असली और नकली घी की पहचान कैसे की जा सकती है?

आप जो घी बाजार से खरीदकर ले आ रहे है वह शुद्ध है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं। घर पर घी की टेस्टिंग और नकली घी की पहचान करनेके लिए कुछ तरीके ये रहे-

गंध से पहचानें

जब भी घी खरीदें तो उसे सूंघकर देख लें। गाढें, सुनहरे रंग का घी शुद्ध और खूश्बूदार होता है।

पेपर टेस्ट

किसी सफेद कागज पर थोड़ा-सा घी फैलाएं। कुछ देर बाद इस पेपर को चेक करें। नकली घी  पेपर पर काले रंग के धब्बे हो जाते हैं। जबकि, शुद्ध घी में ऐसा नहीं होता।

घी के जमने की प्रक्रिया

शुद्ध घी अगर फ्रिज के बाहर हो तो वह जमता नहीं है। जबकि, फ्रिज में रखने से घी जम जाता है। इसीलिए, आप चेक करें कि आपकी रसोई या डाइनिंग टेबल पर रखा पिघल गया गया या नहीं। अगर वह साधारण या कमरे के तापमान पर जम जाता है तो इसका अर्थ कि उसमें किसी तरह की मिलावट की गयी है।

आंच पर जलाकर देखें

एक कलछी में लगभग एक चम्मच घी लें और उसे आंच पर रखें। इस घी के गर्म करने के बाद अगर जलने की गंध आए तो वह नकली हो सकता है। जबकि, असली घी में हल्की गंध आती है या वह बिल्कुल गंधहीन होता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source