स्वाइन फ्लू के खिलाफ आंध्र प्रदेश सरकार ने कसी कमर,जारी की गयीं हेल्थ गाइडलाइंस
आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्यों जैसे महाराष्ट्र (Maharashtra), कर्नाटक (Karnataka) और केरल ( Kerala) में स्वाइन फ्लू के मामले भारी संख्या में सामने आए हैं। इसे देखते हुए प्रशासन की तरफ से लोगों को टोैमैटो फ्लू और स्वाइन फ्लू के खतरे के प्रति आगाह भी किया है।
Swine Flu Guidelines In Andhra Pradesh: स्वाइन फ्लू और टोमैटो फ्लू के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश राज्य में इस बीमारी का सामना करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं वहीं, प्रशासन की तरफ से लोगों को टोैमैटो फ्लू और स्वाइन फ्लू के खतरे के प्रति आगाह भी किया है।नेशनल सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल ( National Centre for Disease Control) के आंकड़ों के अनुसार,
- भारत में अब तक स्वाइन फ्लू के 424 मामले पाए गए हैं जबकि, इससे 30 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
- वहीं, जुलाई 2022 महीने के अंत तक स्वाइन फ्लू को 1,455 मामले सामने आ चुके है।
स्वाइन फ्लू से जुड़े इन आंकड़ों को देखते हुए जानकारों का अनुमान है कि आनेवाले समय में स्वाइन फ्लू के मामलों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
पड़ोसी राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामलों को देख अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
बता दें कि,आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्यों जैसे महाराष्ट्र (Maharashtra), कर्नाटक (Karnataka) और केरल ( Kerala) में स्वाइन फ्लू के मामले भारी संख्या में सामने आए हैं और इन सभी राज्यों से आंध्र प्रदेश से ट्रेनों, बसों और हवाई जहाज से प्रतिदिन यात्रियों का आना-जाना होता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के प्रसार की संभावना भी बहुत अधिक है। हालांकि, राहत भरी बात यह है कि अभी तक आंध्र प्रदेश राज्य में स्वाइन फ्लू के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक एडवाजरी जारी करते हुए लोगों को कुछ निर्देश दिए हैं जिनके अनुसार,
- किसी भी प्रकार का बुखार होने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।
- स्वास्थ्य ठीक ना होने पर हमेशा मास्क पहनकर रखें।
- वहीं, स्वास्थ्य इकाइयों को भी लोगों के बीच जागरूकता लाने और बीमारियों के प्रसार की रोकथाम के लिए उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
- ग्रामीण स्तर पर हर गांव का सर्वे किया जाए और संदिग्धों की पहचान की जाए और उनका समय पर इलाज किया जाए।
- बच्चों को साफ-सफाई रखने में मदद करें और उनके स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। त्वचा, मुंह और हाथों-पैरों पर किसी तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।
- हेल्दी डाइट लें और रोजाना एक्सरसाइज करें।