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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 15, 2018 10:35 PM IST
Decoded the link between Vitamin D and cardiorespiratory fitness. © Shutterstock
सामान्यतौर पर यह माना जाता है कि विटामिन डी का नाता सिर्फ हड्डियों की मजबूती से होता है। यह धारणा बिल्कुल भी गलत है क्योकि एक्सपर्टस की माने तो यह शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के साथ ही शरीर के दूसरे विटामिन को भी सक्रिय करता है।
आमतौर पर डॉक्टर सलाह देते हैं कि विटामिन डी अगर शरीर में कम होता है तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और इनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा विटामिन डी की कमी से शरीर की ऊर्जा में भी बूरा असर पड़ता है।
हाल ही में हुए एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह कोलन (बड़ी आंत) के कैंसर के खतरे को भी घटाता है। इससे यह पता चलता है कि विटामिन डी की खुराक वाले आहार सिर्फ आपकी हड्डियों के लिए ही फायदेमंद नहीं हैं।
रिसर्च में शामिल ऐसे प्रतिभागी, जिनमें विटामिन डी की खुराक हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त थी, उनकी तुलना में विटामिन डी की कमी वालों में कोलन कैंसर का खतरा 31 फीसदी ज्यादा रहा। विटामिन डी की मात्रा हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है।
रिसर्च में पाया गया कि जिनमें विटामिन डी की मात्रा हड्डियों के स्वास्थ्य से पर्याप्त ऊपर रही, उनमें यह जोखिम 22 फीसदी कम रहा। हालांकि, विटामिन डी की अधिकतम मात्रा पर जोखिम में लगातार गिरावट नहीं देखी गई।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी में इपिडिमिओलॉजिस्ट मर्जी ए.मैक्कुलो के अनुसार "वर्तमान में स्वास्थ्य एजेंसियां कोलन कैंसर की रोकथाम के लिए विटामिन डी की सिफारिश नहीं करती हैं।"
मैक्कुलो बताते हैं कि, "यह रिसर्च नई जानकारी देता है कि एजेंसियां विटामिन डी के मार्गदर्शन साक्ष्यों की समीक्षा कर इसका इस्तेमाल कर सकती हैं और यह सुझाव देता है कि हड्डी के स्वास्थ्य के लिए सिफारिश की गई मात्रा कोलन कैंसर की रोकथाम के लिए अनुकूल मात्रा से कम हो सकती है।"
स्रोत:IANS Hindi.
चित्रस्रोत:Shutterstock.