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Amitabh Bachchan Cataract Surgery: अमिताभ बच्‍चन की हुई आंख की सर्जरी, जानिए कब तक डिस्चार्ज होंगे बिग बी

अमिताभ बच्चन को आंख में मोतियाबिंद की शिकायत थी, जिसके चलते उन्होंने एक छोटी सी सर्जरी (Amitabh Bacchan cataract surgery) कराई है। अमिताभ बच्चन की लेजर से सर्जरी की गई है।

Amitabh Bachchan Cataract Surgery: अमिताभ बच्‍चन की हुई आंख की सर्जरी, जानिए कब तक डिस्चार्ज होंगे बिग बी
आंख में मोतियाबिंद की शिकायत होने के चलते अमिताभ को एक छोटी सी सर्जरी करानी पड़ी है।

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : March 1, 2021 2:26 PM IST

हिंदी सिनेमा के सुपरस्‍टार अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bacchan) ने अपने ब्‍लॉग के बताया था कि उनकी तबीयत सही नहीं है और उन्‍हें सर्जरी करानी पड़ सकती है। लेकिन कल तक ये साफ नहीं था कि महानायक अमिताभ बच्‍चन कौन सी सर्जरी कराएंगे और कब कराएंगे। लेकिन अब बिग बी ने अपने ब्‍लॉग में लिखकर बता दिया है कि उन्‍होंने हाल ही में अपनी आंख की सर्जरी कराई है। एक एंटरटेनमेंट वेबसाइट के अनुसार अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bacchan surgery) को आंख में मोतियाबिंद की शिकायत थी, जिसके चलते उन्‍होंने एक छोटी सी सर्जरी (Amitabh Bacchan cataract surgery) कराई है। अमिताभ बच्‍चन की लेजर से सर्जरी की गई है। फिलहाल बिग बी अस्‍पताल में ही भर्ती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी छुट्टी आज शाम तक हो सकती है।

क्‍या होता है मोतियाबिंद (What is cataract in hindi)

मोतियाबिंद को अंग्रेजी में कैटरैक्‍ट कहते हैं। इस रोग में आंखें की पुतली में धुंधलापन आ जाता है जिससे दिखने में परेशानी होती है। इस स्थिति में रेटिना को स्‍पष्‍ट चित्र नहीं दिख पाता है। आंखों की ये परेशानी आमतौर पर उम्रदाराज लोगों को होती है। हालांकि मोतियाबिंद की समस्‍या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। हालांकि इसके होने पर घबराने की बात नहीं होती है, क्‍योंकि इसका आपरेशन से इलाज हो जाता है। अब लेजर तकनीक की मदद से बिना दर्द के मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है।

इसे भी पढ़ें : अमिताभ बच्‍चन की तबीयत बिगड़ी, कभी भी हो सकती है सर्जरी

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Amitabh Bachchan undergoes cataract surgery

कैसे होती है मोतियाबिंद की सर्जरी (How is Cataract surgery in hindi)

मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान डॉक्‍टर सबसे पहले मरीज की आंख में एक ड्राप डालते हैं। इस ड्रॉप का असर होने में 1 घंटे का समय लग सकता है। ये ऐसी ड्राप होती है जिससे डॉक्‍टर को लैंस दिखने में मदद मिलती है। मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान मरीज को एनेस्‍थीसिया दिया जाता है। इसका मकसद ये होता है कि मरीज सर्जरी के दौरान सो जाए और डॉक्‍टर उसकी आंख खोलकर ऑपरेशन को अंजाम दे पाएं। जब डॉक्‍टर मरीज को टोपिकल एंटीबायोटिक्‍स देते हैं तो मरीज जगा हुआ होता और लाइट की गति को देख पाता है। लेकिन उसे ये पता नहीं होता है कि उसकी आंखों में डॉक्‍टर क्‍या कर रहे हैं। पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन कैटरेक्ट एक्सट्रैक्शन के द्वारा किया जाता था लेकिन अब फेकोमलसीफिकेशन के द्वारा होता है। हालांकि इसके अलावा भी अब कई तरह के इलाज उपलब्‍ध हैं।

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बच्‍चों को भी हो सकता है मोतियाबिंद (Cataract in children)

हालांकि आमतौर पर मोतियाबिंद 60 साल की उम्र से अधिक के लोगों को होता है लेकिन ये वयस्कों और बच्चों को भी हो सकता है। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब कुछ शिशुओं ने इस समस्या के साथ जन्म लिया है। गर्भावस्था के दौरान वायरल इन्फेक्शन और स्टेरॉयड जैसी कुछ दवाओं के इस्तेमाल से शिशु को मोतियाबिंद होने का जोखिम हो सकता है। ऐसे परिवार या समुदाय में शादी होना जहां पहले से किसी को ययह समस्या हो, तो आपको मेटाबोलिक डिसऑर्डर हो सकते हैं जिससे अप्रत्यक्ष रूप से बच्चों में मोतियाबिंद होने का जोखिम हो सकता है।