कोरोना निगेटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में रहेंगे अमित शाह, क्या है होम आइसोलेशन एवं इसके नियम?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का शुक्रवार को कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव आया है, लेकिन अभी वो कुछ दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रहेंगे। क्या होता है होम आइसोलेशन, क्यों जरूरी है कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों के लिए होम आइसोलेशन में रहना और इसे लेकर क्या है हेल्थ मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस, जानिए यहां....

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Written By: Anshumala | Updated : August 15, 2020 12:50 PM IST

Amit shah Coronavirus: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) का शुक्रवार को कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव (Amit shah corona test) आया है। वह अभी कुछ और दिन होम आइसोलेशन (Home isolation) में रहेंगे। इससे पहले शाह कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे। शाह ने ट्वीट कर कहा, "आज मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। मैं ईश्वर का धन्यवाद करता हूं और इस समय जिन लोगों ने मेरे स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं देकर मेरा और मेरे परिजनों को ढांढस बंधाया, उन सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। डॉक्टर्स की सलाह पर अभी कुछ और दिनों तक होम आइसोलेशन (Amit shah will be in home isolation) में रहूंगा।"

उन्होंने इसके अलावा उनके इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ का भी शुक्रिया अदा किया। इससे पहले 2 अगस्त को शाह ने ट्वीट कर कोरोना से संक्रमित (Corona infection) होने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि वह ठीक हैं, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। उसके बाद से, उनका मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था।

क्या होता है होम आइसोलेशन?

होम आइसोलेशन मतलब जिन लोगों में कोरोना के बिल्कुल हल्के लक्षण (Mild symptoms of coronavirus in hindi) नजर आते हैं, उन्हें घर पर ही सब से अलग रहकर अपना इलाज करना होता है। इसके लिए हेल्थ मिनिस्ट्री ने अपनी नई गाइडलाइंस में कहा है कि जिनमें बहुत हल्के लक्षण या लक्षण के बिना वाले मरीजों को होम आइसोलेशन (guidelines for home isolation) में रहना होगा। खासकर, उन लोगों को जिनमें कोई दूसरी बीमारी नहीं है। हालांकि, इसके लिए भी डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। जब डॉक्टर की इजाजत होगी, तो आप होम आइसोलेशन में रह सकते हैं।

समस्या होने पर जाना होगा हॉस्पिटल

इस नई गाइडलाइन (guidelines for home isolation in hindi) में यह बात भी कही गई है कि यदि किसी व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहते हुए सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है, सीने में दर्द या कोरोना के कोई अन्य लक्षण नजर आते हैं, तो उन्हें तुरंत हॉस्पिटल (Corona home isolation ki guideline) जाना होगा। इसके अलावा कैंसर, डायबिटीज, हाइपर टेंशन, किडनी, फेफड़ों से संबंधित बीमारी से जो लोग पहले से ही पीड़ित हैं और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हॉस्पिटल में ही अपना इलाज कराना होगा। जो लोग होम आइसोलेशन (home isolation kya hai) में रहते हैं, उन्हें अपने परिवार के सदस्‍यों से बिल्‍कुल ही अलग रहना होगा। इस दौरान कोरोना मरीज के साथ ही घर के लोगों को भी हाइजीन, सेफ्टी टिप्स, हाथ धोना, मास्क लगाना अनिवार्य होता है।

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