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Written By: Editorial Team | Updated : January 17, 2019 11:59 AM IST
Amit Shah was discharged after testing negative on August 14.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू के संक्रमण के कारण बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। यह जानकारी एम्स प्रशासन ने दी। भाजपा अध्यक्ष का इलाज एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की देखरेख में चल रहा है।
शाह ने खुद भी ट्वीट के जरिए स्वाइन फ्लू होने की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में कहा, "मुझे स्वाइन फ्लू का संक्रमण हो गया है, जिसका उपचार चल रहा है। ईश्वर की अनुकंपा, आप सभी के प्यार और शुभकामनाओं से मैं जल्द ही स्वस्थ हो जाऊंगा।"
मुझे स्वाइन फ्लू हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है। ईश्वर की कृपा, आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं से शीघ्र ही स्वस्थ हो जाऊंगा।
— Amit Shah (@AmitShah) January 16, 2019
स्वाइन फ्लू के लक्षण
अगर किसी व्यक्ति को खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द, मतली और उल्टी के लक्षण हैं, तो स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए। इस स्थिति में दवाई केवल चिकित्सक की निगरानी में ही ली जानी चाहिए।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल बताते हैं कि, “स्वाइन फ्लू में खांसी या गले में खरास के साथ 1000 फारेनहाइट से अधिक तक बुखार हो सकता है। निदान की पुष्टि आरआरटी या पीसीआर तकनीक से किए गए लैब टैस्ट से होती है।”
इन लक्षणों से समझे कितनी गंभीर है स्वाइन फ्लू की समस्या।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, “हल्का फ्लू या स्वाइन फ्लू बुखार, खांसी, गले में खरास, नाक बहने, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ठंड और कभी-कभी दस्त और उल्टी के साथ आता है। हल्के मामलों में, सांस लेने में परेशानी नहीं होती है। लगातार बढ़ने वाले स्वाइन फ्लू में छाती में दर्द के साथ उपरोक्त लक्षण, श्वसन दर में वृद्धि, रक्त में ऑक्सीजन की कमी, कम रक्तचाप, भ्रम, बदलती मानसिक स्थिति, गंभीर निर्जलीकरण और अंतर्निहित अस्थमा, गुर्दे की विफलता, मधुमेह, दिल की विफलता, एंजाइना या सीओपीडी हो सकता है।”
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गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं में, फ्लू भ्रूण की मौत सहित अधिक गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। हल्के-फुल्के मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन गंभीर लक्षण होने पर मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है।
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संक्रमण का मुख्य कारण
गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के एक स्ट्रेन के कारण होती है और सुअरों से इंसानों में संचरित होती है। समय पर इलाज नहीं होने पर एच1एन1 घातक भी हो सकता है।
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