... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 6, 2020 1:27 PM IST
पहले से अधिक खतरनाक और संक्रामक हुआ कोरोना वायरस, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने किया दावा
Coronavirus : कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर हर दिन कोई ना कोई नई जानकारी सामने आ रही है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreaks) को लेकर एक नई और सनसनीखेज जानकारी शेयर की है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने पहले से ज्यादा खतरनाक कोरोना वायरस का पता लगाया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वायरस पहले के वायरस से कहीं ज्यादा संक्रामक है और यह पूरी दुनिया में धीरे-धीरे फैल रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, 2019 के शुरुआत में जो कोरोना वायरस मिले थे, नया कोरोना वायरस उससे ज्यादा खतरनाक है।
अमेरिका स्थित लॉस अलामॉस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिकों ने इस जानकारी को शेयर किया है। यह अमेरिका की डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी की नेशनल लेबोरेटरीज़ में से एक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय इस लेबोरेटरी की स्थापना की गई थी, जहां पर परमाणु हथियारों के डिजाइन बनाए गए थे।
अपने रिसर्च के बारे में वैज्ञानिकों ने 33 पन्नों की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का अभी रिव्यू होना बाकी है। लॉस एंजलिस टाइम्स के अनुसार, यूरोप में कोरोना का नया वायरस फरवरी में पाया गया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे अमेरिका के पूर्वी तटीय इलाकों में पहुंचा। फिर मध्य मार्च तक पूरी दुनिया में फैल चुका है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वायरस काफी तेजी से फैलता है। एक बार संक्रमित हुए मरीज पर यह वायरस दूसरी बार ज्यादा खतरनाक तरीके से हमला करता है।
रिपोर्ट के लेखकों ने कहा है कि वे इस घातक कोरोना वायरस के बारे में पहले से ही चेतावनी दे चुके हैं। ताकि वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिक इन बातों को ध्यान में रखकर वैक्सीन तैयार करें। नई रिपोर्ट कंप्यूटर की गणना की मदद से तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में दुनियाभर के कोरोना वायरस (Coronavirus) के 6 हजार सिक्वेंसेस का अध्ययन किया गया है। इस रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस के 14 तरह के म्यूटेशन भी देखने मिले हैं।
इस स्टडी में हिस्सा लेने वाले एक वैज्ञानिक ने जानकारी दी है कि हमने कोरोना वायरस का जल्द म्यूटेशन होते देखा है। इस वायरस ने काफी तेजी से अपना स्वरूप बदला है और मार्च तक महामारी में मुख्य तौर पर शामिल हो गया। यह वायरस काफी तेजी से दुनिया में फैल सकता है।
प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों को हो सकता है नुकसान, कोरोना वायरस की लड़ाई में नहीं है 'सिल्वर बुलेट'