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एश्वर्या राय की बेटी आराध्या में दिखे कोरोना के ये लक्षण, जानिए बच्चों में सांस लेने में तकलीफ के संकेत।
Aishwarya Rai Bachchan corona news: कोरोनावायवरस (Coronavirus) से पॉजिटिव आईं ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) और उनकी बेटी आराध्या बच्चन (Aaradhya) फिलहाल मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा रही हैं। इसी हॉस्पिटल में अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन को भी भर्ती हुए लगभग 10 दिन हो गए हैं। बिग बी, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की सेहत तो सही है, लेकिन खबर आ रही है कि बेटी आराध्या को सांस लेने में तकलीफ महसूस (Coronavirus Symptoms in Kids in hindi) हो रही है। इससे पहले ऐश्वर्या और आराध्या होम क्वारंटीन (Aishwarya-Aaradhya home quarantine) में थीं, लेकिन बाद में जब ऐश्वर्या और आराध्या में कोरोना के माइल्ड लक्षण (Symptoms of Coronavirus) नजर आने लगे तो दोनों को हॉस्पिटल में एडमिट कर लिया गया था।
खबरों के अनुसार, होम क्वारंटीन के कुछ दिनों बाद आराध्या को सांस लेने में तकलीफ (Breathing problem in aaradhya) होने लगी थी, जिसके बाद डॉक्टर्स ने ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) और बेटी आराध्या को हॉस्पिटल में भर्ती करने की सलाह दी थी। जया बच्चन ही हैं, जिन्हें कोरोना नहीं है और उन्हें छोड़कर पूरा बच्चन परिवार (Bachchan Family) हॉस्पिटल में कोरोना का इलाज करवा रहा है।
कोरोनावायरस किसी को भी नहीं छोड़ रहा है। बच्चे, बुजुर्ग, जवान हर कोई इस वायरस की चपेट में आ रहा है। हालांकि, 10 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए यह वायरस खतरनाक भी साबित हो सकता है, क्योंकि बच्चों की इम्यूनिटी उतनी मजबूत नहीं होती है। बच्चे कोरोना के लक्षणों को (Coronavirus Symptoms in Kids in hindi) जल्दी समझ नहीं पाते और ना ही किसी को बता सकते हैं। ऐसे में घर के लोगों को ही उनपर ध्यान देने की जरूरत है। बच्चा यदि सांस लेने में तकलीफ महसूस करे, तो इसे नजरअंदाज भूलकर भी ना करें।
1 जब शरीर में कोरोनावायरस प्रवेश कर जाता है, तो पर्याप्त ऑक्सीजन ना मिलने के कारण बच्चों को सांस लेने में तकलीफ (Coronavirus Symptoms in Kids) हो सकती है।
2 पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने की वजह से बच्चे में अलग तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं। कई बार श्वसन मार्ग पर दबाव पड़ने से भी सांस लेने में समस्या महसूस हो सकती है।
3 बच्चे की ब्रीदिंग रेट पर नजर रखें। यदि प्रत्येक मिनट सांस की दर बढ़े (symptoms of breathlessness in children) तो यह संकेत सही नहीं है। हो सकता है आपके बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही हो, तभी उसे सांस लेने में समस्या हो रही हो। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर हृदय की गति बढ़ सकती है।
4 ऑक्सीजन कम मिलने पर बच्चे का होठ, मुंह और नाखून का रंग नील पड़ सकता है। त्वचा पीला या ग्रे हो सकता है। सांस छोड़ते समय घुरघुराने की आवाज आ सकती है। जब हवा फेफड़ों में रह जाता है, तो भी सांस लेने में समस्या होती है।
5 जब सांस लेते समय बच्चे की नाक फूले तो समझ लें कि उसे सांस लेने के लिए अधिक ताकत लगानी पड़ रही है। इससे बच्चे को फेफड़ों में हवा भरने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
6 सांस लेने में जब परेशानी हो, तो शरीर से अधिक पसीना निकल सकता है। तेजी से सांस लेने पर त्वचा भी ठंडी हो सकती है। सीने में टाइट या दबाव महसूस होने से श्वसन मार्ग संकुचित होने लगता है, जिससे सांस लेने में परेशानी आ सकती है। जरूरी नहीं कि सांस लेने में तकलीफ होने के ये सभी संकेत कोरोना के ही लक्षण हों, ये किसी और शारीरिक समस्या की तरफ भी इशारा करते हैं। ऐसे में डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।
ऐश्वर्या राय बच्चन-आराध्या हुईं हॉस्पिटल में भर्ती, दिखे कोरोना के लक्षण