Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कूड़ा जलाने और इमारतों की तोड़फोड़ करने वालों पर भी लगेगा ज़ुर्माना

प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, बताया स्थिति को गंभीर। कोर्ट ने कूड़ा जलाने पर  भी रोक लगाई और नगर निकाय से खुले में कचरे फेंके जाने पर भी रोक लगाई।

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Written By: IANS | Updated : November 5, 2019 1:11 PM IST

दिल्ली व आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण ( Air Pollution) की 'बहुत ही गंभीर स्थिति' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकारों को प्रदूषण कंट्रोल करने और हर साल उत्पन्न होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान ढ़ूढ़ने का आदेश दिया है। ( Air Pollution in Delhi)

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा, " दिल्ली हर साल प्रदूषण को झेल रही है।" वायु प्रदूषण में कमी लाने को लेकर केंद्र व दिल्ली सरकार के बारे में कोर्ट ने कहा, "हमें अदालत में एक विशेषज्ञ की जरूरत है। यह बहुत गंभीर हालत है।" उन्होंने कहा, "कोई जगह प्रदूषण से सुरक्षित नहीं है। यहां तक कि बेडरूम भी सुरक्षित नहीं है।"

कोर्ट ने वायु प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना पर भी जोर दिया, क्यों हर साल दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण को झेल रही है।

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सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में निर्माण कार्य पर रोक लगाई ( Air Pollution in Delhi):

निर्माण व विध्वंस कार्यो के दौरान उड़ने वाली धूल को वायु प्रदूषण का अहम कारक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस तरह की गतिविधि में शामिल होने वालों के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना तय कर दिया और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कूड़ा जलाते पाए जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि दिल्ली व एनसीआर में कोई निर्माण व विध्वंस कार्य नहीं होना चाहिए और उल्लंघन के मामले में स्थानीय प्रशासन को निजी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

कोर्ट ने कूड़ा जलाने पर  भी रोक लगाई और नगर निकाय से खुले में कचरे फेंके जाने पर भी रोक लगाई।

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