दिल्ली में दिवाली पर पटाखे जलाने पर प्रतिबंध, कोरोना संक्रमण और वायु प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने दिया आदेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना काल के दौरान दिवाली में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ऐसा शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, दिल्ली में दीपावली के अवसर पर किसी भी तरह के पटाखे जलाने पर 7 नवंबर से 30 नवंबर तक पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। 30 नवंबर के बाद भी सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति रहेगी। (Ways to control  Air Pollution in Delhi update)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 5, 2020 10:07 PM IST

Air Pollution in Delhi:  देश की राजधानी दिल्ली कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की चपेट में आ चुकी है। साथ ही दिल्ली की हवा में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना काल के दौरान दिवाली में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ऐसा शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, दिल्ली में दीपावली के अवसर पर किसी भी तरह के पटाखे जलाने पर 7 नवंबर से 30 नवंबर तक पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। 30 नवंबर के बाद भी सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति रहेगी। (Ways to control  Air Pollution in Delhi update)

अस्पतालों में की जा रही है खास तैयारी

बता दें कि, मुख्यमंत्री ने सरकार के आदेश का शत प्रतिशत पालन कराने की जिम्मेदारी सभी जिलाधिकारियों को दे दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेस में बोलते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हमने कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के  मद्देनज़र सरकारी अस्पतालों में आईसीयू (ICU) वार्ड में बेड और समान्य बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। हमने प्राइवेट अस्पतालों में 80 प्रतिशत बेड कोविड मरीजों के लिए सुरक्षित करने के दिल्ली सरकार के आदेश पर लगी दिल्ली हाईकोर्ट की रोक को हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दिया है। कोरोना के बढ़ते केस पर लगाम लगाने के लिए अब भीड़भाड़ और मार्केट एरिया में भी कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा, इसके लिए मोबाइल बैन तैनात करने का निर्णय लिया गया है, जहां कोई भी आकर अपनी कोविड जांच करा सकता है।"

इस दीपावली दिल्ली में पटाखे नहीं जलेंगे

बैठक के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मैंने मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अधिकारियों और सभी जिलाधिकारियों के साथ दिल्ली में कोरोना की स्थिति और तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। त्योहारी सीजन और प्रदूषण के कारण कोरोना के केस में वृद्धि हुई है। बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं। जिसमें,

  • दिल्ली में पटाखे जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • सरकारी अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजन बेड जैसी बुनियादी मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
  • कुछ समय पहेल दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाने के दिल्ली सरकार के आदेश पर रोक लगा दिया है। इस रोक को हटवाने के लिए हमने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दिया है।
  • हम उम्मीद करते हैं कि कोरोना के गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट प्राइवेट अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाने पर लगी रोक को हटा देगा।
  •  हम दिल्ली में लक्ष्य निर्धारित करके कोविड मरीजों जांच करेंगे। साथ ही, कोविड से होने वाली मौतों को कम करने के लिए वो सभी कदम उठाएंगे, जो जरूरी हैं।"

पटाखे जलानेवाले जाएंगे जेल

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों मे बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। कोरोना काल के दौरान शहर में प्रदूषण बढ़ना नागरिकों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसीलिए,  प्रदूषण फैलाने वाले (धुआं, राख और अधिक शोर करने वाले) पटाखे जलाने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी”।

इस मौके पर मुख्यमंत्री केजरीवाल  ने सभी दिल्ली निवासियों से आग्रह भी किया कि वे कोरोना काल में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए इस बार दीपावली पर किसी भी तरह के पटाखे नहीं जलाएं और प्रदूषण को कंट्रोल करने में स्थानीय प्रशासन की कोशिश में अपना योगदान दें।"

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार, दिल्ली में कोरोना के केस लगातार बढ़ते देख पहले से ही मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर लेना चाहती है, ताकि भविष्य में कोरोना के केस बढ़ते हैं, तो किसी मरीज को सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी की वजह से परेशानी का सामना न करना पड़े।

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