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मुंबई में भी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं लोग, बढ़ते वायु प्रदूषण पर डॉक्टरों ने जतायी चिंता

मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, मुंबई में खराब एयर क्वालिटी की वजह से आने वाले दिनों में लोगों को बहुत परेशानी हो सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 11, 2023 5:46 PM IST

Air Pollution In Mumbai: दिवाली के त्योहार और मौसम बदलने की वजह से मुंबई और आसपास के इलाकों में भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। एक तरह जहां महाराष्ट्र राज्य सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम मुंबई वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परेशान है वहीं, मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, मुंबई में खराब एयर क्वालिटी की वजह से आने वाले दिनों में लोगों को बहुत परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों को वायु प्रदूषण के कारण कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह सहित अन्य कई बीमारियों में बढ़ोतरी हो सकती है। बता दें कि, मानसून खत्म होने के बाद पिछले दो महीने में मुंबई, ठाणे, पुणे और राज्य के अन्य स्थानों में  प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ रिकॉर्ड किया गया है जिसकी वजह से सांस लेने के लिए साफ-सुथरी हवा मिलना मुश्किल हो गया है।

बढ़ते प्रदूषण ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आम नागरिकों और डॉक्टरों की भी चिंता बढ़ा दी है। मैया सोशल फ्रंट फाउंडेशन नामक एनजीओ की सह-संस्थापक डॉ. दिव्या सिंह और फिटरफ्लाई के सीईओ डॉ. अरबिंदर सिंगल ने इसी प्रदूषण और उससे स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में आईएएनएस से खुलकर बात की।

वायु प्रदूषण ने बढ़ाया बीमारियों का खतरा

डॉ. सिंह, जो दिल्‍ली के राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल में वरिष्ठ सर्जन भी हैं, ने कहा, "मुंबई वर्तमान में यहां एक ' स्वास्थ्य संकट' भी सामने आ रहा है। यहां लोगों को बीते कुछ सप्‍ताह से  वायु प्रदूषण के नुकसान उठाने पड़ रहे हैं। "

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्‍ताह में मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के आसपास रहा है, और निगरानी स्टेशनों के आंकड़ों से पता चला है कि कुछ इलाकों में पार्टिक्‍यूलेट मैटर (पीएम) का स्तर नॉर्मल लेवल से लगभग दोगुना या तिगुना भी दर्ज किया गया है।

डॉ. सिंगल ने भी ऐसी ही राय व्‍यक्‍त करते हुये कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और BMC के स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त-दिसंबर 2021 में एक सर्वेक्षण किया था जिसमें लगभग हर तीसरे व्यक्ति को हाई बीपी और पांचवे व्यक्ति को डायबिटीज था। डॉ. सिंगल का कहना है कि  " अधिक वायु प्रदूषण की वजह से खांसी, घरघराहट और सांस फूलने जैसे श्वसन संबंधी लक्षणों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह वायु प्रदूषण और घातक साबित हो सकता है।"

वहीं, डॉ. सिंह ने कहा कि AQI खतरे की सीमा को पार कर चुका है और शहर में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी को अशुद्ध हवा में सांस लेनी पड़ रही है और उनमें श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने लोगों से सावधान रहने और प्रदूषण से खुद को बचाने की सलाह दी है।