
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : November 2, 2025 9:35 PM IST
Air Pollution and Eye Irritation Exploring the Link: देश की राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में बढ़ता प्रदूषण से लोगों की हालत खराब हो गई है। दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 303 दर्ज किया गया जो कि एक दिन पहले 218 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को शाम चार बजे 303 रहा, जो वायु गुणवत्ता में होने वाली गिरावट (Delhi Main Pardushan ki wajah se hone wali pareshani) को दर्शाता है।
देश की राजधानी दिल्ली और बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिंता को बढ़ा दिया है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्पतालों में आंखों की बीमारियां हो रही हैं। दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीज आंखों में जलन, खुजली, ड्राई आंखें और आंखों में दर्द की परेशानी लेकर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को आंखों से जुड़ी परेशानी बढ़ते प्रदूषणके कारण हो रही है।
प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों जुड़ी विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis / Eye Flu)
ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome)
एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस (Allergic Conjunctivitis)
कॉर्नियल इंफेक्शन (Corneal Infection)
आंखों की थकान और जलन (Eye Strain & Irritation)
अगर आप भी दिल्ली, नोएडा और अन्य प्रदूषित इलाकों में रह रहे हैं तो कुछ खास उपायों को अपनाकर आंखों का बचाव कर सकते हैं।
- जब भी आप बाहर जाएं, खासकर प्रदूषण वाले क्षेत्रों में, सनग्लासेस या प्रोटेक्टिव गॉगल्स जरूर पहनें। इससे धूल और धुएं के कण सीधे आंखों में नहीं जा पाते। कोशिश करें कि चश्मा ऐसा हो जो आंखों के चारों ओर अच्छी तरह फिट हो जाए।
- दिनभर बाहर रहने के बाद घर लौटते ही साफ पानी से आंखें धोएं। इससे हवा में मौजूद कण और रसायन निकल जाते हैं। दिन में कम से कम दो बार आंखें धोना एक अच्छी आदत है, खासकर प्रदूषण के मौसम में।
- प्रदूषण से आंखों में सूखापन (ड्रायनेस) की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से आर्टिफिशियल टीयर्स या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें। इससे आंखों में नमी बनी रहती है और जलन या खुजली से राहत मिलती है।
- सिर्फ बाहर ही नहीं, घर के अंदर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है। इसलिए एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें या घर में इनडोर पौधे जैसे एलोवेरा, मनी प्लांट और पीस लिली लगाएं। ये हवा को शुद्ध रखते हैं और आंखों पर प्रदूषण का असर कम करते हैं।
- आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए विटामिन A, C और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार लें। गाजर, पालक, शकरकंद, अंडे, मछली और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ आंखों को मजबूत बनाते हैं और प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
- प्रदूषण से आंखें थक जाती हैं, इसलिए उन्हें आराम देना भी जरूरी है। रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद लें ताकि आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स हों और नमी संतुलित बनी रहे।
प्रदूषण से आंखों की सुरक्षा के लिए छोटे-छोटे कदम बहुत बड़ा फर्क ला सकते हैं। बाहर निकलते समय चश्मा पहनें, आंखों को साफ रखें, पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त नींद जरूर लें। यदि आंखों में लगातार जलन, लालिमा या सूजन बनी रहे तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से बात करें।