AIIMS ने कही बड़ी बात, कोरोना वायरस को पूरी तरह से खत्‍म कर सकती है Covaxin वैक्‍सीन

एम्स भोपाल और जम्मू के अध्यक्ष वाईके गुप्ता का कहना है कि कोवैक्‍सीन (Covaxin) के पहले और दूसरे ट्रायल से मिले डाटा के अनुसार यह कहा जा सकता है कि वैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह के गंभीर साइड इफेक्‍ट होने की संभावना नहीं है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 16, 2021 2:37 PM IST

वर्तमान में भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ 2 वैक्‍सीन लगाई जा रही हैं। एक है, कोवैक्‍सीन और दूसरी है कोविशील्‍ड वैक्‍सीन। हाल ही में एम्‍स (All India Institute of Medical Sciences) ने Covaxin वैक्‍सीन को लेकर बड़ी बात कही है। AIIMS का कहना है कि गणितीय गणना के अनुसार भारत बायोटेक की कोरोना वैक्‍सीन, Covaxin, कोरोना वायरस के खिलाफ इम्‍युनिटी को 9 से 12 महीनों तक बना सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह माना जा सकता है कि संक्रमण शरीर से पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा। एक्‍सपर्ट कह रहे हैं कि कोवैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और वायरस को जड़ से खत्‍म करने की क्षमता रखती है।

एम्स भोपाल और जम्मू के अध्यक्ष वाईके गुप्ता का कहना है कि कोवैक्‍सीन (Covaxin) के पहले और दूसरे ट्रायल से मिले डाटा के अनुसार यह कहा जा सकता है कि वैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह के गंभीर साइड इफेक्‍ट होने की संभावना नहीं है। उन्‍होंने यह भी कहा कि जिस तरह से वैक्‍सीन पर काम चल रहा है उससे यह उम्‍मीद लगाई जा रही है कि कोवैक्‍सीन के फेज 3 ट्रायल का डाटा भी मार्च महीने के अंत तक मिल जाएगा। गौरतलब है कि कोवैक्‍सीन (Covaxin) के पहले-दूसरे ट्रायल के बाद से ही इसके वैक्‍सीनेशन शुरू होने को लेकर लोगों के बीच इसकी प्रामाणिकता को लेकर खूब विवाद हुआ था। लोगों का कहना था कि वैक्‍सीन को तीसरे ट्रायल से पहले लॉन्‍च नहीं करना चाहिए। जबकि एक्‍सपर्ट और डॉक्‍टर ऐसा नहीं मानते हैं।

coronavirus vaccine

Covaxin का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है

डॉक्‍टर वाईके गुप्ता का कहना है कि कोवैक्‍सीन अब तक लाखों लोगों को दी जा चुकी है और इससे कोई भी गंभीर साइड इफेक्‍ट होने का मामला सामने नहीं आया है। इतना ही नहीं देशभर में 1 महीने से चल रहे वैक्‍सीनेशन के दौरान कोवैक्‍सीन लगने की वजह से किसी भी व्‍यक्ति की मौत नहीं हुई है। बता दें कि यदि किसी ड्रग यानि कि दवा की क्षमता 50 प्रतिशत से अधिक होती है तो ड्रग कंटोलर उसे पास कर देता है, कोवैक्‍सीन के संदर्भ में भी ऐसा ही हुआ है। पिछले महीने द ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (The Drugs Controller General of India (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्‍ड को एमरजेंसी के तौर पर इस्‍तेमाल करने की इजाजत दी थी।

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