
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : June 8, 2021 7:18 PM IST
डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर दिखेगा।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने मंगलवार को कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि कोविड-19 का बच्चों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रभावित करने वाले कोविड -19 के दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत या डेटा नहीं था।
प्रेसवार्ता के दौरान एम्स के निदेशक ने कहा, "अगर हम आंकड़ों की बात करें तो अभी तक वैश्विक या भारतीय कोई भी ऐसा डेटा नहीं आया जिसमें कोरोना वायरस से बच्चों के अधिक प्रभावित होने का कोई प्रमाण मिलता है। यहां तक कि दूसरी लहर में भी जो बच्चे एडमिट हुए थे; या तो उनकी इम्यूनिटी कम थी या फिर ऐसे बच्चे थे जो कीमोथेरेपी पर थे, जो हेल्दी बच्चे थे उनमें हल्के लक्षण थे। जो होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं है कि कोरोना की जो अगली वेब आएगी वह बच्चों को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी।"
No data, global or Indian, has had any observations of children being affected more. Even in the 2nd wave kids who were infected had mild illness or co-morbidities. I don't think we will have a serious infection in children in the future: Dr Randeep Guleria, AIIMS Director pic.twitter.com/q4w7ceurDr
— ANI (@ANI) June 8, 2021
गुलेरिया ने आगे कहा कि, "देश और दुनिया के आंकड़ों में देखें तो कहीं भी बच्चों पर गंभीर प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं। ऐसे में मुझे ये नहीं लगता कि कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर दिखेगा।"
डॉ गुलेरिया ने कहा कि, कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि हमें गाइडलाइन को फॉलो करना चाहिए मास्क और 2 गज दूरी जरूरी है। साथ ही बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ इकट्ठा होने से बचना चाहिए। अगर हम गाइडलाइन को फॉलो करेंगे तो कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोक सकते हैं। इसके अलावा अपनी बारी आने पर व्यक्ति जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा, जब अपने यहां ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग जाएगी या नेचुरल इम्यूनिटी बन जाएगी तो हम निश्चितरूप से कोरोना वायरस से उबर पाएंगे।