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डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर दिखेगा।
भारत में कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन यानि कि SARS-CoV-2 के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार को जहां 6 नए कोरोना के नये वेरिएंट से संक्रमित पाए गए थे वहीं बुधवार को 14 लोगों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। ऐसे में हमारे देश में अब तक कुल 20 लोग कोरोना के नए वर्जन का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में सार्स सीओवी-2 (SARS-CoV-2) को लेकर एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Delhi Director Dr Randeep Guleria) का कहना है कि यह काफी संक्रामक है और बहुत तेजी से फैल सकता है। उनका कहना है कोरोना ने समय समय पर अपना रूप रंग बदला है। इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार कोरोना के इस नये स्ट्रेन को लेकर काफी गंभीर है और काफी सतर्कता बरत रही है।
रणदीप गुलेरिया कहते हैं कि अध्ययनों को देखते हुए और ब्रिटेन से सामने आ रहे मामलों को देखते हुए यह तो साफ है कि ब्रिटेन से आयाये नया स्ट्रेन काफी संक्रमणकारी है। लेकिन लोगों को इससे डरने और चिंता करने की बात नहीं है। उन्होंने लोगों का हौंसला मजबूत करते हुए यह भी कहा कि भारत फिलहाल बहत अच्छी स्थिति में है। हमारे देश में रिकवरी दर काफी ऊंची है और एक्टिव मामलों में कमी आई है। इसके अलावा गुलेरिया ने कहा कि अगर ब्रिटेन का कोरोना स्ट्रेन हमारे कोरोना के मामले और हॉस्पीटलाइजेशन पर असर डाल सकता है। लिहाजा हमें अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है। ऐसे में देशवासियों की भी यह जिम्मेदारी है कि वह सावधान रहें और अपने बचाव के लिए सभी जरूरी एहतियात बरतें।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जब से कोरोना के नए स्ट्रेन का पता चला है यानि कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच में ब्रिटेन से भारत कुल 33,000 लोग लौटे हैं। देश में जहां जहां भी ये लोग गए हैं वहां की सरकार द्वारा इनका आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जा रहा है और उन्हें ट्रैक किया जा रहा है। अब तक केवल 114 लोग कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह भी कहना है कि जिन लोगों का टेस्ट पॉजीटिव आया है उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। साथ ही ऐसे लोगों कें संकर्प आए लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।
SARS-CoV-2 के बढ़ते मामले देख भारत सरकार ने यूके से आने और जाने वाली फ्लाइट पर लगी रोक को 7 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दिया है। दरअसल भारत सरकार ने ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन आने के बाद से ही विमान सेवा पर रोक लगा दी थी।