आंखों के धुंधलेपन को आम समझता रहा शख्स, AIIMS के AI टूल से डिटेक्ट हुआ डायबिटिक रेटिनोपैथी
Diabetic Retinopathy: AIIMS के AI टूल की मदद से 42 वर्षीय शख्स को डायबिटिक रेटिनोपैथी डिटेक्ट हुआ है। जानें, क्या है पूरा मामला?
Diabetic Retinopathy Detection: क्या हो अगर आप आंखों की सामान्य जांच करवाने के लिए अस्पताल जाए, लेकिन आपको डायबिटिक रेटिनोपैथी डिटेक्ट हो जाए? जाहिर है आप घबरा जाएंगे। ऐसा ही उत्तर प्रदेश के बरेली में रहने वाले 42 वर्षीय शख्स के साथ हुआ। जो आंखों के धुंधलेपन को आम समझता रहा और जब AIIMS के AI टूल से जांच हुई, तो पता चला है कि उसे डायबिटिक रेटिनोपैथी है। आपको बता दें कि डायबिटिज रेटिनोपैथी, डायबिटीज से जुड़ी एक समस्या है, जो आंखों को प्रभावित करती है। इसमें हाई ब्लड शुगर की वजह से रेटिना में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इससे व्यक्ति को धुंधला दिखाई दे सकता है। यह अंधेपन का कारण भी बन सकता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2 सप्ताह पहले बरेली के 42 वर्षीय शख्स दर्जी रामनाथ प्रजापति को धुंधला दिखाई दे रहा है। इसलिए वह आंखों की जांच के लिए दिल्ली के त्रिलोकपुरी स्थिति एम्स रोटरी मिडटाउन आई/डेंटल हॉस्पिटल पहुंचा। वहां उसकी आंखों की जांच के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पता चला कि व्यक्ति को डायबिटिक रेटिनोपैथी है। डायबिटिक रेटिनोपैथी, डायबिटीज की वजह से होने वाली एक समस्या है, जिसमें आंखें बुरी तरह से प्रभावित होती हैं। हालांकि, रामनाथ प्रजापति को अपनी इस बीमारी के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। वह कई वर्षों से इसी बीमारी के साथ जी रहा था।
डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण क्या हैं?
- देखने में परेशानी होना
- धुंधला दिखाई देना
- दृष्टि में अचानक से बदलाव होना
- रात को देखने में मुश्किल होना
- आंखों में काले धब्बे
- आंखें लाल दिखाई देना
- आंखों में सुन्नपन महसूस होना
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।