... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : January 24, 2019 7:28 PM IST
हर साल दुनिया भर में 50 लाख लोग फ्लू जैसे संक्रामक रोगों से गंभीर रूप से बीमार होते हैं। वहीं करीब ढाई से पांच लाख मौत इसी तरह के रोगों से होती हैं। ©Shutterstock.
उत्तराखंड में बीते एक महीने में स्वाइन फ्लू से 11 लोगों की मौत के बाद यहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस वायरस से अधिकतर मौतें देहरादून में हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. ताराचंद पंत ने कहा, "हमने एक अलर्ट जारी कर दिया है और स्वाइन फ्लू के मद्देनजर जरूरी सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं।"
यह भी पढ़ें - सर्दियों में बढ़ जाता है स्वाइन फ्लू का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
हर दूसरे दिन एक मौत
राज्य में जनवरी में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद प्रत्येक दो दिनों के बाद करीब एक व्यक्ति की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। यहां बुधवार को एक डेढ़ वर्षीय बच्चे की निजी अस्पताल में एच1एन1 वायरस से मौत हो गई, जिससे इस पहाड़ी राज्य में तेजी से इस बीमारी के फैलने को लेकर लोग चिंतित हो गए हैं।
स्वाइन फ्लू और जुकाम में अंतर कैसे करना चाहिए, क्या आप जानते हैं ?
ज्यादातर मामले देहरादून के
डॉक्टरों ने कहा कि अधिकतर मामले देहरादून और हरिद्वार से सामने आए हैं, जबकि कुछ लोग उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी इस वायरस की चपेट में आए हैं। डॉ. पंत ने कहा, "एच1एन1 एक मौसमी इन्फ्लुएंजा की तरह है, जो जुकाम की तरह से ठीक हो सकता है। उम्रदराज, शिशु और मधुमेह से पीड़ित लोग, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनकी हालत बिगड़ सकती है।" यहां से कुल 95 नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नई दिल्ली भेजा गया था। अबतक, करीब 25 मामलों को पॉजिटिव पाया गया है, जिनमें से 11 अभी भी देहरादून समेत राज्य के विभिन्न जगहों पर अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने कहा, "इलाज के बाद तीन अन्य को उनके घर भेज दिया गया है।"
स्वाइन फ्लू वीडियो: स्वाइन फ्लू होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?
176 आइसोलेशन बेड
डॉ. पंत ने कहा, "हम स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। विभिन्न अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों के लिए 176 अलग से बेड (आइसोलेशन बेड) की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हमारे पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां हैं।" उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया गया, जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य में नमूना परीक्षण सुविधा कम होने की वजह से लोगों की मौत ज्यादा हो रही है और कहा कि डॉक्टरों को लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण देखते ही तत्काल दवाइयां देने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरी है बचाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दावा किया है कि हर साल दुनिया भर में 50 लाख लोग फ्लू जैसे संक्रामक रोगों से गंभीर रूप से बीमार होते हैं। वहीं करीब ढाई से पांच लाख मौत इसी तरह के रोगों से होती हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर WHO ने सलाह दी है कि फ्लू या इन्फ्लूएंजा के सीजन में भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने अनजाने किसी की छींक-खांसी के कणों से बीमार होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में वायरस हाथों से हवा में फैल सकता है। यही वजह है कि स्कूलों में, मॉल में भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग ज्यादा बीमार होते हैं।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.