मुंबई के बाद पुणे में भी बढ़े मीजल्स के मामले,बच्चों के हेल्थ और सेफ्टी को ले बढ़ी पेरेंट्स की चिंता

अब महाराष्ट्र के पुणे (Pune) शहर में भी छोटे बच्चों में खसरा के मामले पाए गए हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 21, 2022 10:27 AM IST

Measles Cases In Pune : मुंबई शहर में मीजल्स के मामले (Measles Cases In Mumbai) बढ़ने के बाद अब महाराष्ट्र राज्य के अन्य शहरों में भी मीजल्स के केसेस बढ़ रहे हैं। अब पुणे (Pune) शहर में भी छोटे बच्चों में खसरा के मामले पाए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मीजल्स के बढ़ते मामलों के कारण बच्चों के माता-पिता को सावधानी बरतने की सलाह उनके स्कूलों द्वारा दी गयी है। वहीं, पेरेंट्स में भी डर का माहौल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। हालांकि, राहत भरी बात यह भी है कि शहर के कुछ हिस्सों में ही खसरे के मामले पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसीलिए अगर सावधानियां बरतीं जाएं तो बीमारी को और फैलने से रोका जा सकता है। (Measles Cases In Pune In Hindi)

स्कूल जाने वाले बच्चों में मीजल्स फैलने का खतरा अधिक

मीजल्स-रूबेला एक प्रकार का इंफेक्शन है जिसमे त्वचा पर छाले दिखायी देते हैं। मीजल्स आमतौर पर छोटे बच्चों (Measles in kids) में अधिक देखा जाता है और यह बीमारी छूने से एक-दूसरे तक फैल सकती है। पुणे शहर में मीजल्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। मीजल्स फैलने का रिस्क ऐसे मामलों में बढ़ जाता है जहां बच्चों को वैक्सीनेशन (vaccination for measles) ना मिला हो। वहीं, बच्चों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना संभव नहीं होता ऐसे में स्कूल में एकसाथ बैठने और खेलने से बच्चों में मीजल्स फैलने का डर भी अधिक होता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा छोटे बच्चों के अभिभावकों को कुछ निर्देश भी दिए गए हैं जिनमें कहा गया है कि,

  • अगर छोटे बच्चों में सर्दी, तेज बुखार, आंखें लाल होने या बहती नाक जैसे लक्षण दिखायी दें तो तुरंत डॉक्टर को सम्पर्क करें।
  • लक्षण दिखायी देने पर बच्चे को स्कूल ना भेजें।
  • बच्चों को हाथों की साफ-सफाई और खांसते-छींकते समय रूमाल का इस्तेमाल करें।
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