Covid Vaccine: 'कोविशिल्ड' के बाद 'कोवैक्सीन' को भी मिली आपात उपयोग की मंजूरी

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने क्लिनिकल परीक्षण और 'कोविशिल्ड' के निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है, जबकि भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर 'कोवैक्सीन' बनाई है।

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Written By: Atul Modi | Published : January 2, 2021 11:04 PM IST

भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति ने शनिवार को भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। इससे पहले विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोनावायरस वैक्सीन 'कोविशिल्ड' को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी थी।

हालांकि अभी 'कोवैक्सीन' की मंजूरी पर अंतिम निर्णय ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) द्वारा लिया जाना है।

शीर्ष सूत्र ने शनिवार को कहा कि कोरोनावायरस वैक्सीन का आकलन करने वाली विशेषज्ञों की समिति ने एक बैठक के बाद हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक को शनिवार की दोपहर बैठक के लिए बुलाया था।

शुक्रवार को सीडीएससीओ की विषय विशेषज्ञ समिति ने माना था कि भारत बायोटेक द्वारा अपनी कोरोनावायरस वैक्सीन के लिए प्रदान किया गया डेटा आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए पर्याप्त नहीं है। इसने भारत बायोटेक को और अधिक जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा था।

विशेषज्ञ पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से 'कोविशिल्ड' और भारत बायोटेक द्वारा 'कोवैक्सीन' के लिए मांगे गए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण पर निर्णय लेने के लिए एक बैठक बुलाई थी।

एक बार जब समिति की ओर से वैक्सीन के लिए रास्ता साफ हो गया, तब अंतिम अनुमोदन के लिए आवेदन भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) वी.जी. सोमानी को भेज दिया जाएगा।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने क्लिनिकल परीक्षण और 'कोविशिल्ड' के निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है, जबकि भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर 'कोवैक्सीन' बनाई है।

अमेरिका की फाइजर पहली वैक्सीन थी, जिसने चार दिसंबर को त्वरित अनुमोदन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद क्रमश: छह और सात दिसंबर को सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने आवेदन किया था। फाइजर ने हालांकि अभी डेटा पेश करने के लिए और समय मांगा है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों की समिति ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति देने के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की गुजारिश और 'कोवैक्सीन' के आपात इस्तेमाल को अनुमति देने के भारत बायोटेक के आग्रह पर विचार करने के लिए बुधवार को बैठक की थी।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वी.जी. सोमानी के मुताबिक, महामारी के मद्देनजर आवेदकों को अनुमति प्रदान करने की पक्रिया तेजी से चल रही है और साथ ही पूरे डाटा की प्रतीक्षा किए बिना ही पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों को अनुमति दी गई है।

केंद्र सरकार ने ड्राइव के पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की योजना बनाई है।

--आईएएनएस

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