
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 24, 2021 5:19 PM IST
Yellow Fungus in India:कोरोनावायरस महामारी के बढ़ते संकट के बीच ब्लैक फंगस का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। डॉक्टर जहां ब्लैक फंगस से लोगों को बचाने के लिए विभिन्न स्तर पर प्रयास कर रहे हैं वहीं, ब्लैक फंगस के बाद अब व्हाइट फंगस और यलो फंगल इंफेक्शन का भी पता चला है। भारत में सोमवार को गाजियाबाद में येलो फंगस का पहला मामला सामने आया है। जिसके बाद इसके बारे में ऑनलाइन चर्चा भी तेज़ हो गयी है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद के हर्ष अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट प्रोफेसर डॉ. बी पी त्यागी ने दावा किया है कि, येलो फंगस का मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिसका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि संजय नगर निवासी यह 45 वर्षीय मरीज येलो फंगस के साथ साथ ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ग्रसित हैं।
ईएनटी स्पेशलिस्ट प्रोफेसर डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि, "मेरे पास एक मरीज आया, जिसकी मैंने कुछ जांच की जो सामान्य थीं, लेकिन मरीज की एक और जांच करने के बाद पता चला कि मरीज को ब्लैक, वाइट फंगस के अलावा पीला फंगस भी है।"
"इस फंगस को मुकोर सेप्टिक्स कहा जाता है, यह रेप्टाइल्स में मिलता है। इस बीमारी को मैंने पहली बार देखा है। इस बीमारी के इलाज में सिर्फ अम्फोटेरासीन बी इंजेक्शन लगता है। ठीक होने के बाद भी इसका घाव भरने में समय लगता है। मरीज की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं कह सकते, उसका उपचार चल रहा है।"
डॉ. त्यागी के अनुसार, अभी तक येलो फंगल इंफेक्शन में अब तक जिन समस्याओं की पहचान इसके लक्षणों के तौर पर हुई है उनमें, यह समस्याएं प्रमुख हैं-
इस बीमारी से बचने के लिए साफ सफाई बहुत जरूरी है, अपने आस पास जितनी ज्यादा सफाई रखेंगे उतना इस बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं।
मरीज के बेटे अभिषेक मुताबिक, "उनके पिता की कोरोना का इलाज चल रहा था और रिकवरी भी अच्छी हो रही थी। आखिरी दो तीन दिन में आंखों में सूजन आना शुरू हुई और अचानक बीते कल आंखे बंद हो गईं। नाक और पेशाब के रास्ते खून का रिसाव हो रहा था।"
(आईएएनएस)