मिलावटी हल्दी ने दूल्हे को पहुंचाया वेंटिलेटर पर, दूल्हा-दुल्हन दोनों को हुई गंभीर स्किन एलर्जी

मध्यप्रदेश के इंदौर में मिलावटी हल्दी से एलर्जी के चार गंभीर मामले सामने आए हैं। रस्मों के दौरान मिलावटी हल्दी का इस्तेमाल करने से दूल्हा- दुल्हन को एलर्जिक रिएक्शन हो गए हैं।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 11, 2026 11:53 AM IST

हिंदू धर्म में शादी की रस्मों के दौरान लगाई जाने वाली हल्दी अब लोगों की सेहत के लिए हानिकारक हो रही है। बाजार में बिक रही मिलावटी हल्दी का असर लोगों की त्वचा पर इस तरह पड़ रहा है कि उन्हें स्किन एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के इंदौर के एमवाय अस्पताल में ऐसे चार मरीज भर्ती हुए, जिनकी हालत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई। इनमें से एक शख्स की हालात इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि मरीज को वेंटीलेटर तक पर रखने की नौबत आ गई। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि शरीर पर हल्दी लगाने से दूल्हा- दुल्हन को सांस फूलना, चेहरे और होंठों में सूजन, शरीर पर लाल चकत्ते, घबराहट और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ रहे थे। जब डॉक्टर ने उनकी जांच की तो पाया कि हल्दी में मिलाए गए मेटानिल येलो नामक केमिकल के कारण दूल्हा- दुल्हन को एलर्जी हुई थी।

इंदौर से पहले पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश के कई इलाकों में मिलावटी हल्दी के कारण दूल्हा- दुल्हन को होने एलर्जिक रिएक्शन के मामले सामने आ चुके हैं। FSSAI की रिपोर्ट बताती है कि हल्दी के रंग को ज्यादा निखारने के लिए मेटानिल येलो नामक जहरीले रंग का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। मेटानिल येलो नामक केमिकल्स न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, बल्कि त्वचा के लिए भी नुकसानदायक होता है। विभिन्न प्रकार की रिसर्च बताती है कि मेटानिल येलो केमिकल शरीर में तेजी से रिएक्शन करता है, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और शरीर का इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। इस केमिकल के कारण एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम जैसी जानलेवा फेफड़ों की समस्या भी हो सकती है।

turmeric milk मिलावटी हल्दी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है।

घर पर हल्दी में मिलावट की पहचान कैसे करें?

  1. आपकी हल्दी में किसी प्रकार की मिलावट की गई है या नहीं इसकी पहचान घर पर करना बहुत ही आसान काम है। हल्दी में मिलावट की पहचान करने के लिए आप नीचे बताए गए तरीकों को अपना सकते हैं।
  2. एक गिलास पानी लें और उसमें एक चम्मच हल्दी डाल दें। अगर हल्दी नीचे बैठ जाए और पानी हल्का साफ रहे, तो हल्दी शुद्ध हो सकती है।  अगर पानी तुरंत गहरा पीला हो जाए, तो उसमें किसी प्रकार के केमिकल या रंग की मिलावट की गई है।
  3. हल्दी की शुद्धता की पहचान करने के लिए आप इसे हाथों पर रगड़ भी सकते हैं। हाथों पर रगड़ने के दौरान हल्दी हल्की खुशबू छोड़ती है और रंग धीरे-धीरे फैलता है। वहीं, मिलावटी हल्दी बहुत तेज पीला रंग छोड़ती है और हाथ पर दाग ज्यादा बनते हैं।
  4. हल्दी में मिलावट की पहचान गर्म पानी के टेस्ट से भी की जा सकती है। इसे करने के लिए 1 गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच हल्दी को मिला लें। शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे घुलती है। जबकि मिलावटी, केमिकल और आर्टिफिशियल रंग वाली हल्दी पानी में तुरंत चमकीला रंग छोड़ सकती है।
  5. कुछ कंपनियां हल्दी की मात्रा को बढ़ाने के लिए स्टार्च का भी इस्तेमाल करती हैं। हल्दी में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए थोड़ा आयोडीन डालें। अगर रंग नीला या बैंगनी हो जाए, तो उसमें स्टार्च मिलाया गया हो सकता है।

Disclaimer: भारत जैसे देश में हल्दी में मिलावट न सिर्फ लोगों की सेहत के लिए हानिकारक हो रही है, बल्कि शादी और पूजा पाठ जैसे शुभ कार्यों में भी लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रही है। इसलिए थोड़ी सावधानी और घर के आसान टेस्ट अपनाकर आप असली और नकली हल्दी की पहचान कर सकते हैं और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।

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