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Written By: Yogita Yadav | Updated : November 28, 2018 8:13 PM IST
हाल ही में हुए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि फिल्मों में सेक्सी सीन देखकर ज़्यादा कामुक बन जाते हैं किशोर, जिससे उनके यौन अपराधों में लिप्त होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ©Shutterstock
आजकल फिल्मों में इतने ज्यादा कामुक दृश्य और गीत होते हैं कि उन्हें सेमी पोर्न कहा जाए तो गलत नहीं होगा। बड़े ही नहीं, बच्चे और टीनएजर भी इस तरह की सामग्री देखने को मजबूर हैं। इनकी सुलभता ने समस्या को और बढ़ा दिया है। जिससे यौन अपराधों में किशोरों की संलिप्तता के मामले पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गए हैं। यह भी पढ़ेें - बीमारी का संकेत भी हो सकती हैं बच्चें की ये गलत आदतें
क्या कहता है अध्ययन
एक नए अध्ययन के मुताबिक फिल्मों में सेक्सी दृश्य देखने वाले किशोर अन्य लोगों की अपेक्षा सेक्स के मामलों में ज्यादा सक्रिय होते हैं। मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि लोकप्रिय फिल्मों में सेक्स से जुड़े दृश्य देखने वाले किशोर युवावस्था से ही अन्य लोगों की अपेक्षा कहीं ज्यादा कामुक और सेक्स के मामलों में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।
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मनोवैज्ञानिकों ने हॉलीवुड की 700 हिट फिल्मों को लेकर किए गए अध्ययन के आधार पर कहा कि हॉलीवुड फिल्मों में पर्दे पर ज्यादा सेक्स दृश्य देखने वाले किशोरों की ज्यादा लोगों से यौन संबंध बनाने और कॉन्डोम का उपयोग नहीं करने की संभावना ज्यादा रहती है।
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यह होता है दुष्प्रभाव
अध्ययन में पाया गया कि सेक्सी और कामुक दृश्य देखने से किशोरों का व्यक्तित्व ‘मूलभूत रूप से प्रभावित’ होता है। न्यू हैम्पशायर के डार्टमाउथ कॉलेज के शोधकर्ताओं ने पाया कि युवा लोग भविष्य में अपने रिश्तों में ज्यादा जोखिम लेने में सक्षम होते हैं। जिससे उनके यौन अपराध में संलिप्त होने और यौन संक्रमणों से ग्रस्त होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इसका असर उनके व्यवहार पर भी पड़ता है। वे अन्य किशोरेां की तुलना में ज्यादा हिंसक और गैर जिम्मेदार हो जाते हैं।