कलकत्ता में इस नए वायरस को लेकर अलर्ट जारी, अब तब 22 लोग ICU में, जानें क्या है ये खतरनाक बीमारी

Adenovirus : कोलकाता में एडिनोवायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस वायरस की वजह से अबतक 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : February 20, 2023 11:14 AM IST

Adenovirus : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एडिनोवायरस काफी तेजी से अपना पांव फैला रहता है। अबतक 115 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में यह काफी चिंता का विषय बना हुआ है। खबरों की मानें तो 18 फरवरी तक कोलकाता में कुल 115 लोग इस वायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इसमें गंभीर स्थिति (सांस लेने में परेशानी) की वजह से 22 लोगों को आईसीयू/एचडीयू में भर्ती कराया गया है, जिसमें 5 बच्चे भी शामिल हैं।  

एडिनोवायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने 19 फरवरी को सभी जिलों के लिए इस बीमारी से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, एडिनोवायरस एक ऐसा वायरस है, जिसकी वजह से मरीजों को सांस लेने में परेशानी, हल्की सर्दी या फ्लू  (Adenovirus Symptoms) जैसी समस्या हो सकती है। 

एडिनोवायरस के सामान्य लक्षण - Common Symptoms of Adenovirus 

एडिनोवायरस वायरस के लक्षण काफी आम होते हैं, जैसे-

  • 3 दिनों से अधिक समय तक लगातार बुखार रहना
  • खांसी और गले में खराश की समस्या होना। 
  • नाक बहना
  • दस्त, मतली और उल्टी होना
  • शरीर में दर्द रहना
  • तेजी से सांस चलना
  • सांस लेने में परेशानी, इत्यादि लक्षण दिख सकते हैं।

एडिनोवायरस का किन लोगों को है अधिक खतरा? - Risk Factor of adenovirus 

एडिनोवायरस की चपेट में कोई भी आ सकता है, लेकिन शहर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा हैं, जिनका इसी तरह की बीमारी का पारिवारिक इतिहास रहा है। इसके अलावा, छोटे बच्चों को भी इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है। खासतौर पर जो छोटे पहले से बीमार रहते हैं, जैसे- समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन, जन्मजात हृदय रोग, पुरानी सांस की बीमारी, तंत्रिका संबंधी विकलांगता, गुर्दे की बीमारी, कुपोषण और प्रतिरक्षा में कमी से ग्रसित बच्चों को इसका खतरा अधिक रहता है। 

एडिनोवायरस का कैसे किया जाता है इलाज? - How to Prevent Adenovirus

एडिनोवायरल वायरस का कोई सटीक इलाज नहीं है। हल्के मामलों के लिए इसका घर पर प्रबंधन की सलाह दी जाती है। इसके अलावा कुछ अन्य सलाह दी जाती हैं, जैसे-

  • बुखार कम होने पर पेरासिटामोल ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि मरीज को दिन में 5 बार से अधिक पेरासिटामोल नहीं लेना चाहिए। इससे समस्या बढ़ सकती है। 
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। 
  • दस्त या फिर उल्टी होने पर ओआरएस लें। 
  • समय-समय पर अपना टेम्प्रेचर चेक करते रहें। 
  • इसके अलावा तेजी से सांस लेना, सामान्य गतिविधि, खाने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें। 
  • शरीर में गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, ताकि समय पर इलाज हो सके।

ध्यान रखें कि एडिनोवायरस बच्चों और कमजोर व्यक्ति को अधिक प्रभावित कर सकता है। ऐसे में गंभीर मामलों में अस्पताल में तुरंत भर्ती कराएं। साथ ही घर के आसपास साफ-सफाई और सुरक्षा के नियमों का पालन जरूर करें। 

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