बंगाल में एडिनोवायरस से 2 छोटे बच्चों की मौत, राज्य में हाई अलर्ट, जानिए एक्सपर्ट से बचाव के टिप्स

Adenovirus :  एडिनोवायरस का खौफ पश्चिम बंगाल में काफी ज्यादा बढ़ रहा है। रविवार को पिछले 24 घंटे में 2 बच्चे की मौत हो गई, जिसमें की उम्र आठ माह और 9 माह बताई जा रही है। आइए जानते हैं इस खबर के बारे में विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : February 27, 2023 12:37 PM IST

Adenovirus : कोरोनावायरस के बीच बंगाल में एडिनोवायरस का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में  दो और बच्चों की मौत हो गई है। बच्चों के मौत की वजह से चिंता और अधिक बढ़ती जा रही है। खबरों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बी सी रॉय चिल्ड्रन अस्पताल में नौ महीने की एक बच्ची और आठ महीने के एक बेबी बॉय की मौत हो गई, दोनों ही बच्चे  एडिनोवायरस से संक्रमित थे। 

एडिनोवायरस से संक्रमित लोगों में हल्की सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं। यह संक्रमण सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से बच्चों को अधिक प्रभावित कर रहा है। ऐसे में पंश्चिम बंगाल राज्य के स्वास्थ्य विभागों द्वारा एहतियात बरतने की अपील की जा रही है। 

2 फरवरी से बच्ची को था बुखार

 नौ माह की बच्ची राजश्री रॉय के परिजनों ने बताया कि बच्ची की मौत शनिवार को हुई, जिसे 2 फरवरी को बुखार आया था। बच्ची को उसी दिन बीसी रॉय चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद बच्ची ठीक हो गई थी, जिसे 11 फरवरी को डिस्चार्ज कर किया गया था। हालांकि, 14 फरवरी को उसे फिर से बुखार हो गया। उसके बाद बच्ची के माता-पिता उसे फिर से OPD में दिखाने के लिए लाए थे, जहां बच्ची का इलाज किया गया। 

वहीं, परिजनों के मुताबिक बच्ची का बुखार कम नहीं हुआ और 19 फरवरी को उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को एडिनोवायरस निमोनिया की वजह से बच्ची की मौत हो गई।

राजश्री की मां लक्ष्मी रॉय ने रविवार को कहा, 'यह डॉक्टरों की गलती है। उसे छुट्टी दे दी गई थी, हालांकि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुई थी।” अस्पताल के अधिकारी इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं दे रहे हैं।

एडिनोवायरस से बचाव के टिप्स

गुरुग्राम फॉर्टिस हॉस्पिटल की इन्फेक्शन डिजीज कंसल्टेंट डॉक्टर नेहा रस्तोगी पांडा का कहना है कि एडिनोवायरस से निपटने के लिए अभी कोई प्रभावी टीका उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इससे बचाव ही इसका इलाज है। आइए जानते हैं कुछ बचाव टिप्स के बारे में-

  • खांसी, जुकाम या फिर सर्दी होने पर बच्चों को खुद से अलग रखें। 
  • संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या फिर कपड़े शेयर न करें। 
  • अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड के लिए धोएं। खासकर बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथों को अच्छे से धोना न भूलें। 
  • बीमार बच्चों की केयर के दौरान अपने हाथों को बार-बार अच्छे से धोना न भूलें। 
  • डॉक्टर का कहना है कि एडिनोवायरस संक्रमण ड्रॉप्स, और मल-मौखिक मार्गों से शरीर में प्रवेश करता है। । इसलिए देखभाल करने वालों और बच्चों द्वारा हाथ धोना/हाथ की सफाई का ध्यान रखने से इस वायरस से काफी हद तक बचा जा सकता है। 
  • बच्चों को शौचालय के बाद, खाने से पहले, दरवाजे की कुंडी जैसी सतहों को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धुलाएं। 
  • अगर आप डायपर या गंदे कपड़े छू रहे हैं तो अपने हाथों की सफाई करना न भूलें। 
  • डॉक्टर का कहना है कि यह वायरस दूषित भोजन और पानी पीने से भी फैल सकता है, इसलिए भोजन और पानी की स्वच्छता पर जोर दें। 

एडिनोवायरस के मामले काफी ज्यादा बढ़ रहे हैं। ऐसे में आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। डॉक्टर द्वारा बताए इन टिप्स को फॉलो करके आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।