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साक्षी तंवर ने गोद ली बेटी! जानें एडॉप्शन से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान !

45 साल की साक्षी तंवर अविवाहित हैं और साक्षी नें दित्या को गोद लिया है यानि एडॉप्ट किया है।

साक्षी तंवर ने गोद ली बेटी! जानें एडॉप्शन से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान !
साक्षी तंवर की ही तरह रवीना टंडन और सुष्मिता सेन ने भी बेटियों को गोद लिया ©twitter.

Written by Sadhna Tiwari |Published : October 21, 2018 10:14 AM IST

टेलिविजन सीरियल्स और बॉलीवुड फिल्मों का जाना-माना नाम साक्षी तंवर ने नवरात्री के दौरान सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की और लोगों को जानकारी दी अपनी बेटी दित्या के आने के बारे में। गौरतलब है कि 45 साल की साक्षी अविवाहित हैं और साक्षी नें दित्या को गोद लिया है यानि एडॉप्ट किया है। निश्चित तौर पर साक्षी का यह फैसला उनके प्रशंसकों के बीच उनकी छवि को और मज़बूत बना गया। उनके फैंस के साथ-साथ सोशल मीडिया पर मौजूद लोग साक्षी के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं और उनकी तारीफें कर रहे हैं।

साक्षी से पहले रवीना टंडन, सुष्मिता सेन और सनी लियोनी ने लड़कियों को गोद लिया। अपने परिवार को पूरा करने के लिए लोग बच्चे एडॉप्ट करने का फैसला लेते हैं और एक तरीके से यह बहुत ही सराहनीय कदम है। एक बच्चे को परिवार और अच्छी परवरिश मिलने के साथ-साथ जनसंख्या नियंत्रण के लिहाज से भी बच्चे गोद लेना एक अहम फैसला हो सकता है।

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बच्चे गोद लेने के बारे में डॉ. रूकशेदा सैयदा का कहना है कि एडॉप्शन से  पहले कपल्स को कुछ खास बातों पर गौर करना चाहिए । साथ ही पूरी प्रक्रिया के दौरान और बाद में भी कुछ अहम बातों पर ध्यान ज़रूर देना चाहिए ताकि उनका यह फैसला कारगर साबित हो और उनका परिवार खुश रहे-

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  • गोद लेने के समय पति-पत्नी दोनों को एक साथ एक मत होकर निर्णय लेना चाहिए। एक दूसरे के साथ खुलकर बात करने के बाद ही ये निर्णय ले। अगर मन में किसी भी प्रकार का संशय है तो निर्णय लेने के पहले या एजेन्सी से बात करने के पहले अपने घरवालों के साथ या किसी काउन्सेलर के साथ बात कर लेना ही अच्छा होता है। क्योंकि आपका खुले मन से निर्णय ही उस बच्चे को स्वीकार करने में सहायता करेगी। साथ ही आप उस बच्चे को अच्छा भविष्य दे पायेंगे।
  • दूसरे अभिभावक या पैरेंट्स से बात करना आपके लिए मददगार साबित होगा।  उनके अनुभव से भी आप कुछ सीख सकते हैं। बच्चे को लेकर आपको निर्णय लेने में सुविधा होगी।
  • परिवार के सदस्यों और दोस्तों को इस बात की दें जानकारी। घर के बड़े-बुजुर्गों को उस बच्चे को अपनाने की ज़रूरत होती है। क्योंकि उनको अपने वंश से अलग वंश के बच्चे को अपना मानना कुछ मुश्किल हो सकता है। इसलिए उनके खुलकर बात करें, अपनी बात समझायें ताकि आप अपने बच्चे को सुरक्षित और आनंदमय वातातावरण दे सके।
  • जब बच्चा बातों को समझने के लायक हो जाय तब उससे आप खुद ही उनके जन्म के  बारे और गोद लेने के सच्चाई के बारे में बात करें। दूसरों से उन्हें इस बात का पता होने के जगह पर आपके इस बात की सच्चाई का पता चले यही अच्छा होता है।
  • अगर आप बच्चे को गोद ले रहे हैं तो उसे नए माहौल को स्वीकार करने का समय दें।