
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 6, 2020 11:36 AM IST
कीटो डाइट से सावधान: एक्ट्रेस मिष्टी मुखर्जी की किडनी फेल होने से मौत, क्या वाकई खतरनाक है कीटो डाइट?
साल 2020 में बॉलीवुड से कई बुरी और हैरान करने वाली खबरें आ चुकी हैं। इस साल कई सितारों की अलग अलग कारणों से मौत हो चुकी है। अब इस लिस्ट में एक और एक्ट्रेस का नाम जुड़ गया है। 2013 की बॉलीवुड डेब्यू फिल्म 'मैं कृष्णा हूं' की अभिनेत्री मिष्टी मुखर्जी का किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिस्टी कई सालों से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। एक बयान मे कहा जा रहा है कि मिष्टी मुखर्जी की मौत का एक बड़ा कारण कीटो डाइट भी है।
अभिनेत्री के परिवार की ओर से आए एक बयान में कहा गया है कि कीटो डाइट के कारण, बैंगलोर में उनकी किडनी फेल हो गई और शुक्रवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली। अपनी मौत के चंद मिनट पहले वह बहुत ही दर्द में थी। उसकी आत्मा को शांति मिले। अब उनके परिवार में उनके माता पिता और भाई हैं। बता दें कि एक्ट्रेस मिष्टी मुखर्जी अपनी एक्टिंग का लोहा कई फिल्मों और म्यूजिक वीडियो में दिखा चुकी थी।
कीटो या किटोजेनिक डाइट एक हाई फैट, पर्याप्त प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट होती है जो वेट लॉस करने के हिसाब से बनाई गई है। इस डाइट में 75% तक फैट, 20% तक प्रोटीन और केवल 5% तक कार्बोहाइड्रेट हो सकता है। इस डाइट का मकसद बॉडी से कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह से खत्म कर उसकी जगह पर फैट लाना होता है। इस आहार का सेवन आमतौर पर तेजी से वजन घटाने के लिए किया जाता है। यह डाइट बॉडी में कार्बोहाइड्रेट के बजाय फैट बर्न करने में मदद करती है।
एक्सपर्ट के अनुसार, कीटो डाइट का सेवन 6 महीने से ज्यादा वक्त के लिए नहीं करना चाहिए। गुरुग्राम के नारायण अस्पताल में वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ परमीत कौर कहती हैं कि जब कोई व्यकित कीटो डाइट फॉलो करता है तो उसका असर 1 हफ्ते में दिखने लगता है। यह डाइट तेजी से काम करती है क्योंकि शरीर कार्बोहाइड्रेट के अधिक ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए शरीर में फैट का उपयोग करना शुरू कर देता है। लेकिन लंबे समय तक फैट के सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का उच्च जोखिम होता है और उच्च प्रोटीन किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है। कुछ ऐसे लोग जो केटो डाइट पर होते हैं वे लो ब्लड प्रेशर भी महसूस करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक वक्त के बाद हृदय रोगों का खतरा रहता है।
अमेरिका में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक हालिया अध्ययन से पता चला कि किटोजेनिक डाइट के कई जोखिम हैं। किडनी प्रोटीन को मेटाबॉलाइज करने में मदद करती हैं, और कीटो आहार उनपर ओवरलोड हो जाती है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।