Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
आजकल की भागदौड़ के कारण वयस्क अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं और न ही पर्याप्त नींद ले पाते हैं। इस कारण से उनमें शारीरिक व मानसिक समस्याएं होना आम बात है। लेकिन आजकल समय बदल गया है और बच्चों को भी कई प्रकार की मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में अमेरिका के एक मेडिकल जर्नल जामा पीडियाट्रिक्स की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट पब्लिश की गई, जिसमें बच्चों में मानसिक समस्याओं के बढ़े हुए मामलों को दर्शाया गया। हेल्थ रिसोर्स एंड सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा (HRSA) द्वारा की गई इस स्टडी में पाया गया कि 2016 से 2020 के बीच 3 से 17 साल के बच्चों में एंग्जायटी के मामले 29 प्रतिशत और डिप्रेशन के 27 प्रतिशत बढ़े हैं। स्टडी के अनुसार कोविड की महामारी के बाद बच्चे और उसके माता-पिता के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर भी काफी असर पड़ा है।
अमेरिका के हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी जेवियर बेसेरा कहती हैं कि महामारी का समय बच्चों के लिए विशेष रूप से मुश्किल भरा रहा है और वे भी हम सब की तरह डरे हुए व उलझन में रहे हैं। आज की स्टडी ने इस बात की पुष्टि की है कि हम में से ज्यादातर लोग अपने दैनिक जीवन में महसूस करते हैं। कोविड 19 बच्चों व बड़ों सबसे मानसिक स्वास्थ्य पर एक असाधारण बोझ बना है। आगे बेसेरा कहती हैं कि हम बच्चों को इस महामारी के प्रभाव से उबरने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
हम अक्सर यही सोचते हैं कि छोटे बच्चों को किसी प्रकार की टेंशन नहीं होती है, लेकिन यह बिल्कुल भी सच नहीं है और इस स्टडी ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। दरअसल बच्चों को मानसिक समस्याएं होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -
यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे का व्यवहार लगातार बदलता जा रहा है, वह पहले की तुलना में कम बात करता है या अकेला रहना पसंद करता है तो संभव है कि उसे कोई मानसिक परेशानी हो गई है। इसकी रोकथाम करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि लक्षण महसूस होते ही उसे तुरंत उसे किसी अच्छे साइकेट्रिस्ट के पास लेकर जाएं। हालांकि, इसके अलावा निम्न बातों का ध्यान रखकर भी बच्चों में मानसिक रोगों की रोकथाम की जा सकती है -