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Written By: Editorial Team | Updated : August 23, 2018 7:18 PM IST
भारत में हर साल हृदय रोग के कारण लगभग 17 लाख लोग मौत का शिकार हो जाते हैं। दिल का दौरा एक आपात स्थिति है जिसमें समय पर मदद मिलना जरूरी है । ऐसे कम ही लोग भाग्यशाली होते हैं जिन्हें समय पर इलाज मिल पाता है।
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज की एक रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सकों का मानना है कि जब दिल के दौरा पड़ता है, तो समय ही सब कुछ तय करता है और समय पर इलाज होने पर रोगी के जीवित रहने की संभावना दोगुनी हो जाती है।
सिबिया मेडिकल सेंटर ने दवाइयों के बक्से (पिल बॉक्स) के साथ 'की चेन' देने की शुरुआत की है ताकि व्यक्ति के पास हमेशा ही जीवन को बचाने वाली दवा हो। पिल बॉक्स के साथ 'की चेन' उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें दिल की बीमारियों का खतरा बहुत अधिक है।
सिबिया मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. एस. एस. सिबिया कहते हैं, "सोर्ब्रिटेट और एस्पीरिन दवाएं हृदय रोगियों की सबसे अच्छी दोस्त हैं। हम अपने मरीजों को इन जीवन रक्षक दवाओं वाले पिल बॉक्स के साथ एक 'की चेन' देते हैं और उन्हें इसे अपनी कार में रखने या अपनी महत्वपूर्ण चाबियों को इसमें रखने की सलाह देते हैं। इस तरह जीवन रक्षक दवाएं हमेशा उनके पास रहेंगी।"
एस्पीरिन टैबलेट को खाने या पानी में घोलकर लेने पर रक्त पतला होता है और सॉर्ब्रिटेट टेबलेट को जीभ के नीचे रखने पर हृदय की मांसपेशियो में रक्त की आपूर्ति बढ़ती है। डॉ. सिबिया ने कहा, "लोग अक्सर इन गोलियों को अपने पास रखना भूल जाते हैं। इसलिए 'की चेन' पिल बॉक्स बनाया गया है, ताकि इमरजेंसी में मरीज को यह दवाई मिल सके।"
उन्होंने कहा, "अगर दिल का दौरा पड़े, तो समय गंवाए बिना यह दवाई खाएं और मदद के लिए किसी को बुलाएं या फोन कॉल करें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचने की कोशिश करें।"
स्त्रोत: IANS
चित्रस्त्रोत:Shutterstock