New Study: 15 से 19 साल की उम्र में इतनी लड़कियां बन जाती हैं मां! जानें अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के कुछ आसान उपाय

दुनियाभर में करीब 12.1 करोड़ महिलाओं को हर साल अनचाहे गर्भ का सामना करना पड़ता है, जिससे महिलाओं का स्वास्थ्य काफी प्रभावित हो रहा है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 1, 2022 12:40 PM IST

एक रिपोर्ट अनुसार भारत की स्थिति भी इस मामले में कुछ अच्छी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रति 1000 में से 62 महिलाएं व लड़कियां अनचाहे गर्भ के कारण मां बन जाती हैं। वहीं अगर उम्र 15 से 19 साल की लड़कियों की बात करें तो प्रति 1000 लड़कियों में से 12 मां बन जाती हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स से यह भी जानकारी मिली की भारत में कोविड 19 के कारण पिछले दो सालों में बाल विवाह के मामले भी बढ़े हैं, जो अनचाहे गर्भ का एक कारण हो सकते हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र की यौन व प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी (UNFPA) द्वारा पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में हर साल करीब 12.1 करोड़ महिलाओं व लड़कियों को अनचाहे गर्भ का सामना करना पड़ता है, जिसका मतलब है कि वे बिना अपनी मर्जी के गर्भवती हो जाती हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि सिर्फ 57 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसी हैं, जो अपने यौन जीवन के फैसले खुद लेने में सक्षम हैं।

60 प्रतिशत करा देती हैं गर्भपात‌

यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड (UNFPA) के अनुसार जो महिलाएं बिना मर्जी के गर्भवती होती हैं, उनमें 60 प्रतिशत गर्भपात करा देती हैं। अनचाहे गर्भ से महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जो महिलाएं बिना मर्जी के गर्भवती हो जाती हैं, वे शर्म व पारिवारिक दबाव के कारण डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। वहीं जो महिलाएं गर्भपात करा लेती हैं, उनके लिए भी स्वास्थ्य से संबंधी अनेक जटिलताएं पैदा हो जाती हैं।

गर्भपात के बढ़े मामले

स्टेट ऑफ वर्ल्ड 2022 रिपोर्ट के अनुसार जो महिलाएं व लड़कियां बिना मर्जी के गर्भवती हो जाती हैं, उनमें से 60 प्रतिशत गर्भपात करा लेती हैं। टाइम्सनाउ से मिली जानकारी के अनुसार करीब 45 प्रतिशत गर्भपात असुरक्षित तरीके से किए जाते हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की होने वाली मृत्यु में 5 से 13 प्रतिशत मौतें असुरक्षित तरीके से किए गए गर्भपात के कारण ही होती हैं। इन स्थितियों का सीधा असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

महिलाओं का स्वास्थ्य खतरे में

अनचाहे गर्भ महिलाओं के लिए खतरे की घंटी है, जो सिर्फ उनके शारीरिक स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं डालता बल्कि इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। भारत में अधिकतर अनचाही प्रेगनेंसी आमतौर पर परिवार व समाज के दबाव के कारण होती है, जिससे महिलाओं महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य काफी प्रभावित हो जाता है। वहीं जो महिलाएं अनचाही प्रेगनेंसी का गर्भपात करा लेती हैं, उन्हें भविष्य में फिर से गर्भधारण करने में भी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

अनचाही प्रेगनेंसी हो तो क्या करें

यदि आप भी किसी वजह से बिना मर्जी के प्रेग्नेंट हो गई हैं, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले आपको मानसिक रूप से स्थिर रहना है और किसी अच्छे स्री रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट) से संपर्क करना है। गर्भपात करने के लिए किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल न करें और न ही डॉक्टर कि सलाह के बगैर कोई दवा खाएं।

नुकसान पहुंचा सकती हैं दवाएं

गर्भपात के लिए मिलने वाली कुछ दवाएं आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं और भविष्य में आपको गर्भधारण करने में भी दिक्कत आ सकती है। वहीं कुछ गंभीर स्थितियों में गर्भपात की दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह से लेने के कारण महिला की मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से सलाह बहुत जरूरी है।

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