
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 9, 2022 10:34 AM IST
Swine Flu Cases In Mumbai: मुंबई शहर में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। शहर में 1 अगस्त से अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 80 मरीज मिल (Swine Flu Cases In Mumbai) चुके हैं। बीएमएसी के आंकड़ों के अनुसार, हर दिन शहर में कम से कम 11-12 स्वाइन फ्लू के केसेस जरूर पाए जा रहे हैं। जबकि जुलाई से लेकर अब तक मुंबई में स्वाइन फ्लू के कुल 105 मरीजों का पता चल चुका है। इंफ्लुएंजा एच1एन1 (H1N1) के बढ़ते मामले चिंता का सबब बने हुए हैं। वहीं, मुंबई में बरसात के दौरान होने वाली अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गयी है। शहर में गैस्ट्रो (gastroenteritis) के 119 मामलों जबकि मलेरिया (malaria) के 218 मामले केवल पिछले 8 दिनों में सामने आए हैं।
गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसी बीमारियां मौसमी हैं और बरसात के मौसम में इनके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि, हर साल बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू एक निश्चित पैटर्न में बढ़ने लगता है। हालांकि, चिंताजनक बात यह है कि शुरूआती दिनों में स्वाइन फ्लू और कोविड-19 के लक्षणों में अंतर कर पाना (differentiating between Covid-19 and H1N1) मुश्किल हो सकता है। (Swine Flu Cases In Mumbai In Hindi)
स्वाइन फ्लू एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन है और यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इन्फ्लूएंजा H1N1 नामक वायरस से फैलने वाला यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता है। नियमित इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत मिलते-जुलते हैं। बरसात और गर्मियों के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। स्वाइन फ्लू के कई लक्षण कोविड-19 संक्रमण से मिलते-जुलते हुए हो सकते हैं और यही एक बड़ी समस्या बन सकता है। क्योंकि, लक्ष णों की पहचान ना होने के कारण मरीजों को सही इलाज समय पर मिलने में देर हो सकती है। जिससे, स्थिति गम्भीर हो सकती है।
बता दें कि कोविड-19 संक्रमण में मरीज में सर्दी-जुकाम और छीकें आने जैसे लक्षण दिखायी देते हैं जो कि स्वाइन फ्लू के भी लक्षण हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू में जो प्रमुख लक्षण दिखायी देते हैं वे हैं-
इसीलिए डॉक्टरों द्वारा लोगों को सलाह दी जा रही है कि उनमें अगर किसी भी प्रकार के लक्षण दिखायी दें तो वे सबसे पहले डॉक्टर से सम्पर्क करें। लक्षणों के आधार पर टेस्ट और इलाज के तरीके सुझाए जा सकें।