World Heart Day 2021: अध्ययन में खुलासा, 50 से कम उम्र के 75 % भारतीयों को हार्ट अटैक आने का खतरा
World Heart Day 2021: अध्ययन में खुलासा, 50 से कम उम्र के 75 % भारतीयों को हार्ट अटैक आने का खतरा
World Heart Day 2021: डॉक्टर्स का कहना है कि 50 साल से कम उम्र के लगभग 75 % आबादी को दिल का दौरा पड़ने का खतरा है। ऐसे में दिल की समस्याओं और जटिलताएं को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है।
Written By: Anshumala | Published : September 29, 2021 4:38 PM IST
Remember that while tests are essential, embracing a heart-healthy way of life is the foundation for preventing cardiac issues and rewriting India's heart health story for the better.
आज (29 सितंबर) पूरी दुनिया में 'विश्व हृदय दिवस 2021' (World Heart Day 2021) मनाया जाता है। दिल (Heart) हमारे शरीर का बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है। इसमें जरा सी भी गड़बड़ी आने पर हृदय रोगों (Heart Diseases) के होने का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में देश भर में चिकित्सा पेशेवरों द्वारा एक अध्ययन किया गया। इसमें डॉक्टर्स का कहना है कि 50 साल से कम उम्र के लगभग 75 % आबादी को दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने का खतरा है। ऐसे में दिल की समस्याओं और जटिलताएं को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है।
40 वर्ष से कम आयु के 25 % भारतीयों को हार्ट अटैक का रिस्क
अध्ययन में कहा गया है कि 40 वर्ष से कम उम्र वाले लगभग 25% भारतीयों को दिल का दौरा पड़ने या दिल से संबंधित किसी अन्य गंभीर जटिलता से पीड़ित होने का खतरा है। यह जोखिम 40 से 50 वर्ष की आयु के बीच 50 % आबादी तक बढ़ सकता है। डॉक्टर्स का कहना है कि भारतीय युवाओं और मध्यम आयु वर्ग की आबादी के बीच स्वस्थ भोजन और सक्रिय जीवन को प्रोत्साहित करना चाहिए।
तनाव के स्तर (Stress level) में वृद्धि और अनुचित जीवनशैली दिल से संबंधित बीमारियों के बढ़ने के दो प्रमुख कारण हैं। चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, ग्लेनीगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल के डॉ.एम साई सुधाकर का कहना है कि तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। व्यक्तिगत मुद्दों के साथ सामाजिक समस्याएं मानसिक तनाव से पीड़ित लोगों के लिए प्रमुख कारण हैं। इसका दिल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। पुरुष इस समस्या से अधिक ग्रस्त हैं।
सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एसएलजी हॉस्पिटल्स के डॉ. वी.हरिराम का कहना है कि भारत के लोग ट्रांस फैट का अधिक सेवन करते हैं। साथ ही खराब जीवनशैली, अनियमित कामकाजी समय, शराब का सेवन, धूम्रपान एवं तंबाकू के सेवन से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है और ऐसे व्यक्ति अत्यधिक कमजोर होते हैं।
हार्मोनल असंतुलन के कारण भी हार्ट अटैक (Heart Attack Causes in Hindi) आ सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज से ग्रस्त लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि संभावित हृदय समस्या के किसी भी प्रारंभिक चेतावनी, संकेतों को अनदेखा न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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अवेयर ग्लेनीगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट राजीव गर्ग का कहना है कि युवाओं को भोजन की आदतों में सुधार लाना होगा।
प्रत्येक व्यक्ति का शरीर अलग होता है और तनाव को कम करने की एक अलग क्षमता होती है, लेकिन उचित जीवनशैली को बनाए रखना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है। इससे हार्ट अटैक के रिस्कको कम किया जा सकता है।
लोगों को शुरुआती चेतावनी के संकेतों जैसे सांस फूलना, सीने में दर्द, अत्यधिक पसीना, चक्कर आना आदि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सा शुरू कर देना चाहिए।
मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति और पहले से मौजूद स्वास्थ्य जटिलताओं वाले लोग धूम्रपान छोड़ दें। शराब का सेवन बंद कर दें।
30 वर्ष से कम उम्र के युवा, जिनके घर में हृदय रोगों का पारिवारिक इतिहास है, उनको नियमित रूप से चिकित्सा जांच करवानी चाहिए।
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