
... Read More
Written By: Pallavi | Published : August 24, 2022 10:09 AM IST
कुत्तों में पार्वो वायरस (Parvovirus) बड़ी तेजी से फैल रहा है। खबर है कि मिशिगन में लगभग 60 कुत्ते इस वायरस से बीमार पड़े और इसके बाद इनकी मौत हो गई है। दरअसल, इसे कैनाइन पार्वोवायरस (Canines Parvovirus) कहा जाता है, जो कि एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है और मुख्य रूप से 2 साल से कम उम्र के कुत्तों को प्रभावित करती है। इस वायरस के लक्षणों में थकान, भूख न लगना और दस्त आदि शामिल हैं। इसके अलावा इस इलाके के ओटागो काउंटी में 30 से अधिक कुत्ते इस बीमारी से संक्रमित हो गए हैं। आइए जानते हैं क्या है ये।
कैनाइन पार्वोवायरस (Canines Parvovirus) एक ऐसी संक्रामक बीमारी है, जो कि आमतौर पर कुत्तों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी का कारण बनती है। ये रोग अक्सर 6 से 20 सप्ताह के बीच के में होता है, लेकिन कभी-कभी बड़े जानवर भी प्रभावित होते हैं। इसके अलावा ये नवजात पिल्लों में देखा जा सकता है और मायोकार्डिटिस जैसे दिल की मांसपेशियों की सूजन का कारण बन सकता है। मिशिगन डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी वेटरनरी डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी दोनों में इस समस्या को गंभीर बताया है और कहा है कि आगे चल कर ये और गंभीर रूप ले सकता है।
कैनाइन पार्वोवायरस लगभग किसी भी वातावरण में पाया जा सकता है, लेकिन वायरस के संपर्क में आने वाला हर कुत्ता संक्रमित नहीं होता है। लेकिन जिन कुत्तों की इम्यूनिटी कमजोर होती है या फिर किसी भी कारण से वे बीमार होते हैं, उनमें ये वायरस तेजी से फैल सकता है।
कैनाइन पार्वोवायरस एक बहुत ही खतरनाक संक्रमण है, जिससे कुत्तों के शरीर में कई लक्षण (Canines Parvovirus Symptoms) नजर आ सकते हैं। जैसे
-उल्टी
-सुस्ती
-भूख की कमी
गौरतलब है कि इंसानों में कैनाइन पार्वोवायरस फैलने की अभी तक कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि, यह सुनिश्चित करना बेहद मुश्किल है कि आप अपने कुत्ते से किस तरह का संपर्क रखते हैं और संक्रमण आप तक पहुंच सकता है या नहीं। इसके साथ ही ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर आप किसी संक्रमित कुत्ते के संपर्क में आते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप दस्ताने सहित सुरक्षात्मक कपड़े पहने हों, सतहों को अच्छी तरह धोते रहें और हमेशा अपना हाथ साफ रखें।