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Written By: Atul Modi | Published : May 27, 2022 3:46 PM IST
भारत की हेल्थ केयर स्थिति लगातार बदल रही है। यह स्थिति लगातार बदल रही दुनिया के हिसाब से पिछले दो सालों में काफी ज्यादा बदली है। कोविड-19 महामारी ने यह दिखा दिया है कि भारत ऐसी विपदा की स्थिति में भी स्वास्थ्य से जुड़ी मांगों को पूरा करने में सक्षम है। लेकिन यह भी सामने आया है कि भारत के ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी अंतर है। इस अंतर को भरने के लिए और क्या करना चाहिए? इसको लेकर जी मिडिया के हेल्थ साइट डॉट कॉम द्वारा शुक्रवार को हेल्थ समिट-2022 का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे दिग्गजों ने अपनी-अपनी बात रखी।
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने अपने सम्बोधन में कहा कि, 'जी मिडिया के 'द हेल्थ साईट डॉट कॉम' द्वारा 'हेल्थ केयर इन इण्डिया विजन: 2020' विषय पर आयोजित इस डिजिटल हेल्थ मिशन का आयोजन एक सराहनीय कदम है। इस तरह के आयोजन से हेल्थ केयर और इससे सम्बंधित विषयों को लेकर समाज में जागरूकता आती है। हेल्थ केयर सेक्टर में क्या-क्या हो रहा है इसकी भी जानकारी लोगों को होती है, हेल्थ केयर सेक्टर में किस तरह के काम हो रहे हैं, यह बताने के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की एक बात से शुरुआत करना चाहूंगा, मोदी जी ने हेल्थ केयर सेक्टर को हमेशा टोटल अप्रोच के साथ देखा है, उन्होंने हेल्थ केयर को लेकर टोकन अप्रोच नहीं अपनाया। यही वजह है कि आप देखेंगे कि हेल्थ केयर सेक्टर में आपको चौतरफा विकास आपको देखने को मिल रहा है।"
मंडाविया ने सम्बोधित करते हुए कहा कि, 'मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि मोदी जी के नेतृत्व में आज हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जितना काम हो रहा है उतना पहले कभी नहीं हुआ है। कोरोना महामारी ने हमें सिखाया कि हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत करने की आवश्यकता है। कोरोना काल में केंद्र सरकार ने ECRP-I और ECRP-II पैकेज लेकर आई। दोनों पैकेज को मिलाकर 38 हजार करोड़ रूपए से अधिक खर्च करके केंद्र सरकार ने कोरोना के खिलाफ जंग को और मजबूती दी और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी और मजबूत हुआ।'
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि, 'कोरोना के खिलाफ हमने जिस तरह से लड़ाई लड़ी और जिस तरह से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान चलाया उसकी तारीफ पूरी दुनिया कर रही है। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिनिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया भारत ने कोविन पोर्टल के जरिए चलाया। जो हमारे देश के डिजिटल हेल्थ की शक्ति दिखाता है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 64 हजार करोड़ से अधिक का निवेश देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में आज किया जा रहा है।'
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी रामदेव मौजूद रहे, उन्होंने आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। इसके आलावा, कुछ जाने माने चेहरे जो पैनलिस्ट के तौर पर मौजूद रहे उनमें पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉक्टर के श्रीनाथ रेड्डी, एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, एके इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थलमोलॉजी के मेडिकल डायरेक्टर, पद्म श्री डॉक्टर अतुल कुमार, आयुष मंत्रालय के सेक्रेट्री वैद्य राजेश कोटेजा, दिल्ली डायबिटीज रिसर्च सेंटर के चेयरमैन, डॉक्टर अशोक झिंघन, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डीन डॉक्टर महेश व्यास, और कल्याण बनर्जी होमियोपैथिक क्लिनिक के डॉक्टर कुशल बनर्जी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि, यह समिट तीन भागों में संपन्न हुआ, जिसका पूरा फोकस भारत के हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहा। इसमें हेल्थ केयर की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज का रोड मैप, पोस्ट कोविड हेल्थ केयर, आयुष में तेजी से बढ़ाव पर चर्चा हुई।