Covid-19 Vaccine: भारत में इन 6 कोरोना वैक्सीन का चल रहा है ट्रायल, कुछ ही हफ्तों में वैक्‍सीन के आने की है उम्‍मीद

यूनियन हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण के अनुसार जल्दी ही कुछ सप्ताह में कोरोना वैक्सीन आ सकती है जिस का पूरा प्लान तैयार है। पढ़िए यह रिपोर्ट

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Written By: Atul Modi | Updated : December 9, 2020 5:35 PM IST

यूनियन हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने मंगलवार को बताया है कि भारत में अलग अलग परीक्षण स्टेज पर कोविड 19 की 6 वैक्सीन तैयार हो रही हैं। जिनमें से 3 वैक्सीन तो प्री क्लीनिकल स्टेज में आ चुकी हैं, और एक वैक्सीन प्री डेवलपमेंट स्टेज तक पहुंच गयी है। इसकी रिसर्च औरबिंदो फार्मा ने की है।

6 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल स्टेज में हैं जिन में से 3 वैक्सीन प्री क्लीनिकल स्टेज तक आ चुकी हैं। इनमें से कुछ आने वाले कुछ हफ्तों में लाइसेंस प्राप्त कर सकती हैं। पर अभी कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता, क्योंकि लाइसेंस प्राप्त करना नेशनल रेगुलेटर ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया का काम (डोमेन) है।

यह वैक्सीन 2-3 डोज़ होंगी। दवाई लेने के बाद भी हमें हर प्रकार की सावधानियां बरतनी होगी। पहली वैक्सीन कोवीशील्ड है जोकि चिम्पांजी एडेनोवायरस प्लेटफॉर्म द्वारा तैयार की गई है। इसके साथ पुणे का सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी शामिल है। इसके साथ लगी हुई कम्पनी अस्ट्रेजनेका है। रेगुलेटर ने इस वैक्सीन के 2 फेस व 3 क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है और कहा है कि इन्हे इमरजेंसी मे प्रयोग किया जा सकता है।

कोवैक्सीन पर उन्होंने कहा है कि यह वैक्सीन इनएक्टिवेट प्लेटफॉर्म पर है। यह वैक्सीन भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड, हैदराबाद ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिल कर बनाई है। यह वैक्सीन फेस 3 ट्रॉयल में है। इन्होंने इमरजेंसी यूज के लिए भी अप्लाई किया है।

तीसरी वैक्सीन है जाइ-कोव-डी जोकि डीएनए प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड, अहमदाबाद द्वारा बनाई गई है। इनके साथ बायो टेक्नोलॉजी का डिपार्टमेंट भी शामिल है। यह 3 फेस ट्रॉयल में है।

चौथी वैक्सीन रशिया की स्पूतनिक वी है। जोकि ह्यूमन एडिनो वायरस प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह हैदराबाद में डॉक्टर रेड्डी लैब के द्वारा बनाई जा रही है। इनको इस कार्य में योगदान(कॉलाबोरेटर)देने वाला ,रशिया का गमालिया नेशनल सेंटर है। इस के ट्रॉयल का तीसरा फेस अगले हफ्ते से चालू होने जा रहा है।

पांचवीं वैक्सीन है एनवीएक्स-कोव 2373 जोकि प्रोटीन सब यूनिट प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा विकसित की गई है। इनके साथ नोवा वैक्स भी शामिल है और यह वैक्सीन ट्रॉयल के तीसरे चरण से गुजर रही है।

पुनः संयोजक प्रोटीन (रीकंबिनात प्रोटीन) 6 ठी वैक्सीन है, जोकि एक एंटीजन पर आधारित वैक्सीन है। यह हैदराबाद के बायोलॉजिकल ई लिमिटेड द्वारा बनाई गई है। इनके साथ अमेरिका का मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ यूएसए भी शामिल है। अभी इस दवाई का जानवरों पर परीक्षण शुरू किया जाएगा।

सातवीं वैक्सीन एचजीसीओ 19 है, जोकि पुणे में जनोवा द्वारा बनाई गई है। इसके अभी पहले व दूसरे चरण के ट्रॉयल शुरू होने वाले हैं।

आठवीं वैक्सीन एक इनएक्टिव रेबीज वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड हैदराबाद द्वारा बनाई जा रही है। अमेरिका की थॉमस जीफर्सन यूनिवर्सिटी इसकी सहयोगी है।

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